
नोटबंदी के समय इस बैंक में हुआ था करोड़ों का घोटाला, अब किया ऐसा काम, जनता के करोड़ों रुपए अटके
अलवर. नोटबंदी के समय अलवर शहर में अलवर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में हुए करीब 17 करोड़ रुपए के घोटाले के बाद अब बैंक के कर्मचारी भी हटा दिए हैं। जिससे जनता के 21 करोड़ रुपए की देनदारी अधरझूल में हैं। अब जिले के करीब 5 हजार उपभोक्ताओं का पैसा क्लेम के भरोसे है। जो बैंक के स्तर पर बनाकर रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया को भेजने की तैयारी है। इसके बाद करीब एक लाख रुपए तक वाले उपभोक्ताओं को सीधे आरबीआई से पैसा मिल सकेगा। एक लाख से ज्यादा राशि वाले उपभोक्ताओं को बैंक का ऋण का पैसा मिलने पर ही राशि वापस की जाएगी।
अवसहायक लगाने के बाद अब 6 कर्मचारी हटाए
अलवर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में लेन-देन पूरी तरह से बंद है। अब बैंक के छह कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। केवल तीन कर्मचारी रह गए हैं। जिनके पास बैंक की लेनदारी वापस जुटाने की जिम्मेदारी है। ताकि उपभोक्ताओं को दिया जाने वाला पैसा जुटाया जा सके।
सीए के जरिए होगी जांच
बैंक ने सभी उपभोक्ताओं की जमा राशि का पूरा क्लेम व डाटा तैयार कर लिया है। यह डाटा रिर्जव बैंक ऑफ इण्डिया की एजेंसी डीआईसीसी को भेजा जाएगा। इससे पहले क्लेम की सीए के जरिए जांच होगी। फिर यह क्लेम डीआईसीसी को जाएगा। बाद में एजेंसी एक लाख रुपए तक ग्राहकों को वापस करेगी। जो एक तरह से उपभोक्ताओं की बैंक गारंटी का बीमा होता है।
दो तरीके से मिल सकता है क्लेम
बैंक खातधारकों से वैकल्पिक खाता नम्बर मांगे गए हैं। करीब ढाई हजार उपभोक्ताओं के बैंक खाता मिल चुके हैं। डीआईसीसी चाहे तो सीधे ग्राहकों के खाते में पैसा जमा करा सकती है। या फिर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक के जरिए ग्राहकों को पैसे का वितरण कर सकती है। लेकिन केवल एक लाख रुपए तक ही जमा हो सकेंगे। इससे अधिक राशि जिनकी शेष रह जाएगी उसे बैंक अपनी लेनदारी से भरेगा।
तीन करोड़ बैंक के पास, पांच करोड़ ऋण
बैंक को करीब 21 करोड़ रुपया देना है। घोटाले के समय का करीब 1.32 करोड़ इडी में जब्त हैं। पांच करोड़ रुपया ऋण का जमा होगा। तीन करोड़ बैंक के पास तरल है। एक लाख रुपए तक क्लेम के रूप में राशि ग्राहकों को मिलेगी। उसके बाद जिन उपभोक्ताओं का पैसा शेष रहेगा उसे बाद में वापस चुकता करने का प्रयास किया जाएगा।
पूरा क्लेम तैयार
बैंक के उपभोक्ताओं को जमा पैसा वापस मिलेगा। जिसका क्लेम तैयार हो चुका है। जिसे जल्दी आगे एजेंसी को भेजा जाएगा। फिर एजेंसी सीधे उपभोक्ताओं के खातों में पैसा जमा कराएगी।
लोकेन्द्र सिंह, पूर्व सीईओ अरबन को-ऑपरेटिव बैंक अलवर
Published on:
07 Feb 2019 10:23 am
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