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पीडब्ल्यूडी का एक और कमाल…ठेकेदार को कर दिया मालामाल

इस समय पीडब्ल्यूडी विभाग के नए-नए खेल सामने आ रहे हैं। सरकार की रकम कामों के बहाने लुटाई जा रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। ठेकेदार को बिना काम पूरे हुए ही 40 लाख का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। जांच में खुलासा हुआ तो अब रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं। ये रिकवरी भी अब अफसर घटाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ठेकेदार से महज 15 लाख ही रुपए वसूले जाएंगे।

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अलवर

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susheel kumar

Jan 31, 2024

पीडब्ल्यूडी का एक और कमाल...ठेकेदार को कर दिया मालामाल

पीडब्ल्यूडी का एक और कमाल...ठेकेदार को कर दिया मालामाल

सड़क बनी नहीं और ठेकेदार को कर दिया 40 लाख का अतिरिक्त भुगतान
- सिलीसेढ़ से गरबाजी सड़क निर्माण पूरा होना था वर्ष 2022 में, 11 किमी की सड़क में महज 3 किमी ही हुआ है काम

- इस सड़क की मॉनिटरिंग करने वाले एईएन दूसरी एक और सड़क गुणवत्ता के चलते हुए हैं निलंबित, अफसरों को भी सरकार से आया नोटिस


इस समय पीडब्ल्यूडी विभाग के नए-नए खेल सामने आ रहे हैं। सरकार की रकम कामों के बहाने लुटाई जा रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। ठेकेदार को बिना काम पूरे हुए ही 40 लाख का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। जांच में खुलासा हुआ तो अब रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं। ये रिकवरी भी अब अफसर घटाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ठेकेदार से महज 15 लाख ही रुपए वसूले जाएंगे। इस काम की मॉनिटरिंग कर रहे एईएन पहले ही दूसरी सड़क गुणवत्ता की जांच खराब मिलने पर निलंबित हुए हैं। इस प्रकरण में पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता से लेकर एक्सईएन तक नोटिस आए हैं।

ऐसे दिया गया टेंडर, 70 फीसदी रकम पहले जारी की

पीडब्ल्यूडी ने सिलीसेढ़ से गरबाजी तक करीब 11 किमी सड़क के चौड़ीकरण व सुद्दढ़ीकरण के लिए टेंडर निकाला। ये कार्य 5.42 करोड़ का दिया गया। 12 अगस्त 2021 को काम शुरू किया गया। ये काम 11 अगस्त 2022 को पूरा होना था लेकिन इस तिथि तक महज दो किमी ही सड़क बन पाई। पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार पर मेहरबानी की और 3.14 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। यानी कुल रकम का करीब 70 फीसदी भुगतान कर दिया। बनाई गई 2 किमी सड़क की गुणवत्ता भी खराब मिली। शिकायत सरकार पहुंची तो जांच हुई। पहले तो मामला दबाने की कोशिश की गई और बाद में चार सदस्यीय कमेटी ने जांच की। पाया कि अब तक ठेकेदार की ओर से करीब 3 किमी ही सड़क बनाई गई है। सड़क की गुणवत्ता खराब है। साथ ही 40 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। यानी सरकारी खजाने का नुकसान पहुंचाया गया। कई अन्य खामियां भी मिली हैं। इस मामले में दबाव पड़ा तो पीडब्ल्यूडी अब रिकवरी करने जा रहा है। एक्सईएन श्रीराम मीणा का कहना है कि संबंधित ठेकेदार से रिकवरी होगी।


इस तरह एईएन घिरा दूसरी सड़क के मामले में
इस सड़क की मॉनिटरिंग का जिम्मा एईएन रमन मीणा के पास था। वह पहले ही एक ओर सड़क निर्माण की गुणवत्ता के आरोप झेल रहे थे। उनकी शिकायत सरकार तक हुई। पहले पीडब्ल्यूडी की ओर से कार्रवाई नहीं की गई और बाद में जांच आदि हुई तो उसे निलंबित कर दिया गया था। ऐसे में सिलीसेढ़ गरबाजी मार्ग के मामले में दोबारा इन पर कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि रिकवरी की रकम घटाई जा रही है।