
भालू चढ़ बैठे चूला की पहाड़ी पर, वनकर्मियों को छूट रहे पसीने
अलवर. माउंट आबू एवं जालौर के सुंधा माता वन क्षेत्र से आए भालू इन दिनों वनकर्मियों को पसीने छुटाने में जुटे हैं। इन दिनों दो भालू बानसूर के हरसोरा के पास चूला की पहाड़ी पर पहुंच गए, जिनकी मॉनिटङ्क्षरग के लिए वनकर्मी व होमगार्ड दिन रात जुटे हैं। इन भालुओं को कुछ दिनों पूर्व ही सरिस्का में पुनर्वासित कराया गया था।
सरिस्का में वर्तमान में तीन भालू हैं, इनमें एक अभी एनक्लोजर में हैं और दो भालू टाइगर रिजर्व सरिस्का एवं आसपास के गांवों और पहाडिय़ों पर घूम रहे हैं। पिछले दिनों ये भालू सरिस्का जंगल से निकल नारायणपुर के पास आबादी क्षेत्र में पहुंच गए थे। बाद में सरिस्का के वनकर्मी इन्हें किसी तरह घेर कर वापस टाइगर रिजर्व सरिस्का जंगल लाए। अब दो भालू सरिस्का जंगल में निकल बानसूर क्षेत्र के हरसोरा के पास चूला की पहाड़ी पर पहुंच गए हैं। पिछले कुछ समय से दो भालू चूला की पहाड़ी पर चढ़े हुए हैं।
नया क्षेत्र होने से आक्रामक होने का खतरा: भालुओं का सरिस्का में पुनर्वास कराए कम ही समय हुुआ है, इस कारण उनके लिए यह नया क्षेत्र है। इसलिए ही भालू जंगल से निकल इधर- उधर पहुंच रहे हैं। नए क्षेत्र में भालुओं के आक्रामक होने का खतरा रहता है। इस कारण वनकर्मियों की मशक्कत ज्यादा हो रही है। ये क्षेत्र आबादी के नजदीक है और भालुओं के हमला करने की आशंका रहती है।
वनकर्मी दिन रात कर रहे निगरानी
चूला की पहाड़ी पर अलवर वन मंडल के 10 वनकर्मी दिन रात भालुओं की मॉनिटङ्क्षरग में लगे हैं। इसके अलावा मॉनिटङ्क्षरग के लिए होमगार्ड व सरिस्का टाइगर रिजर्व के वनकर्मी लगाए हुए हैं।
भालुओं की निगरानी को वनकर्मी लगाए
अलवर वन मंडल के डीएफओ अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव का कहना है कि दो भालू इन दिनों चूला की पहाड़ी पर हैं, इनकी निगरानी के लिए दस वनकर्मी एवं होमगार्ड लगाए हुए हैं। सरिस्का का स्टाफ भी मॉनिटङ्क्षरग कर रहा है।
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Published on:
04 Jun 2023 12:17 am
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