
इस खतरनाक गैंगस्टर ने पुलिस को दी पालिका उपाध्यक्ष की मौत के सरगना की सूचना, इस तरह पुलिस ने सुलझाया केस
नगर पालिका उपाध्यक्ष राकेश शर्मा की हत्या के मामले में गिरफ्तार शूटर सहित चार आरोपितों को बुधवार शाम पलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 9 जुलाई तक पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा गया। पुलिस उप अधीक्षक जनेशसिंह तंवर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित हरियाणा के रेवाड़ी के गांव बांदन खुर्द निवासी राकेश यादव उर्फ डम्फर पुत्र धर्मपाल, राकेश उर्फ बंदर पुत्र लालाराम, संजय यादव व नांगलिया निवासी कमल यादव को अदालत में पेश किया गया, जहां उनको 9 जुलाई तक पुलिस रिमाण्ड पर दे दिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। एक शूटर चिंटू की पुलिस हिरासत में बुधवार को मौत हो गई थी।
दोनों शूटर नए, नहीं कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड
पुलिस की मानें तो पालिका उपाध्यक्ष को गोली मारने वाले दोनों शूटर नए थे। इनका कोई पिछला क्राइम रिकॉर्ड नहीं था। इसके चलते पुलिस को इन तक पहुंचने में देरी हुई। शूटर चिंटू ने भी मामले को अपने घरवालों से छिपाया। पालिका उपाध्यक्ष की हत्या के बाद वह अपने घर गया और पूर्व की भांति जिन्दगी जीने लगा। इससे ग्रामीणों को भी उस पर शक नहीं हुआ।
मुखबिर की भी चर्चा
पालिका उपाघ्यक्ष की हत्या के आरोपितों को पकड़वाने में चीकू गैंग की भूमिका की चर्चा भी जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार पालिका उपाध्यक्ष की हत्या के बाद पुलिस का पहला शक चीकू गैंग पर गया। दरअसल, चीकू गैंग पिछले कुछ समय से बहरोड़ व आस-पास के क्षेत्र में सक्रिय थी। बताया जा रहा है कि गैंग पर पुलिस का दबाव बढ़ता देख चीकू ने ही पुलिस को हत्याकांड में ठाकरिया गैंग का हाथ होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस जांच की दिशा बदल गई। पुलिस जब तह में गई तो यह मामला ठाकरिया गैंग का ही निकला।
प्रकरण की न्यायिक जांच चल रही है। उसके निष्कर्षों के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर।
Published on:
06 Jul 2018 10:45 am
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