
इंद्रेश उपाध्याय व कन्हैया मित्तल (फोटो - पत्रिका)
राजस्थान के अलवर जिले के विजय मंदिर मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान गुरुवार रात प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल मंच छोड़कर चले गए। कन्हैया मित्तल ने कथा स्थल पर मौजूद साउंड सिस्टम में खराबी और ऑपरेटर द्वारा किए गए दुर्व्यवहार को इसका मुख्य कारण बताया है।
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की कथा के दौरान कन्हैया मित्तल भजनों की प्रस्तुति देने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक साउंड सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई। मित्तल ने कुछ देर तक बिना माइक के ही गाकर भक्तों को जोड़े रखने का प्रयास किया, लेकिन साउंड व्यवस्था न सुधरने और ऑपरेटर के व्यवहार से नाराज होकर कन्हैया मित्तल ने मंच छोड़ दिया।
अलवर से निकलने के बाद कन्हैया मित्तल ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपना दु:ख और नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीधे तौर पर साउंड ऑपरेटर पर आरोप लगाते हुए कहा कि साउंड वाले ने मेरी बेइज्जती की और मंच पर गलत इशारे किए। मैंने उससे संस्कार की बात कही तो वह छोड़कर चला गया। मित्तल ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने केवल 'भाईबंदी' और आयोजक सिंघल के एक फोन पर यहां आने का फैसला किया था, लेकिन अब उन्हें समझ आ गया है कि प्रोफेशनल काम में भाईबंदी के लिए कोई जगह नहीं है।
कन्हैया मित्तल ने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय का सम्मान करते हुए कहा कि महाराज स्वयं बहुत अच्छे हैं, लेकिन उनकी टीम और साउंड व्यवस्था में ऐसे लोगों का होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इंद्रेश उपाध्याय के साथ ऐसे बदतमीज साउंड ऑपरेटर होंगे, मैंने कभी सोचा नहीं था। कलाकारों के साथ अक्सर ऐसा बर्ताव किया जाता है और बाद में हमें ही विवादित बता दिया जाता है।
अपने लाइव संबोधन में मित्तल ने साउंड एसोसिएशनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर साउंड ऑपरेटर कलाकारों के साथ गलत व्यवहार करते हैं और उन पर झूठे आरोप लगाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब भविष्य में ऐसी अव्यवस्थाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
यह पहली बार नहीं है जब कन्हैया मित्तल का नाम किसी विवाद से जुड़ा हो, लेकिन इस बार मामला सीधे तौर पर उनके आत्मसम्मान और मंच की गरिमा से जुड़ा नजर आ रहा है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर कथा आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आना बाकी है।
Published on:
20 Mar 2026 01:43 pm
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