
गोविंदगढ़. राजकीय महाविद्यालय में कर्पूर चन्द्र कुलिश जी के जन्मशती पर्व के उपलक्ष में संगोष्ठी का आयोजन किया। इसके मुख्य अतिथि प्रधान गोपाल चौधरी रहे। अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य हिमांशु अवस्थी ने की।
मुख्य अतिथि गोपाल चौधरी ने विद्यार्थियों से कहा कि कर्पूर चन्द्र कुलिश जी राजस्थान पत्रिका समाचार समूह के संस्थापक होने के साथ प्रख्यात कवि एवं लेखक भी थे। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने अपने संकल्प और मेहनत से हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी। यह सफर आगे चलकर प्रदेश के सबसे अग्रणी समाचार पत्र के रूप में स्थापित हुआ। कुलिश जी को राजस्थान में हिंदी पत्रकारिता के जनक के रूप में भी जाना जाता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कुलिश जी के सिद्धांत आज भी पत्रकारिता के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की जो परंपरा स्थापित की, वह वर्तमान दौर में और भी प्रासंगिक है। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों और व्याख्याताओं ने भी विचार व्यक्त किए तथा कुलिश जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।पत्रकारिता में निष्पक्षता सबसे बड़ी चुनौती
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य हिमांशु अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। तकनीक और सोशल मीडिया के विस्तार ने खबरों की गति तो बढ़ा दी है, लेकिन इसके साथ ही उनकी विश्वसनीयता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि एक सच्चे पत्रकार का दायित्व केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाना भी होता है। इसके लिए तथ्यपरकता, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों का पालन जरूरी है। अवस्थी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के इस दौर में युवाओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। यदि युवा ईमानदारी और जनहित को प्राथमिकता देकर पत्रकारिता में कदम रखे, तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और अधिक मजबूत होगा। संगोष्ठी के दौरान राहुल, संदीप, रोहित पूजा, कविता, नेहा, अंजलि, दीपक आदि विद्यार्थियों ने पत्रकारिता से जुड़े प्रश्न पूछे। जिनका जवाब भी दिया गया।
Published on:
20 Mar 2026 12:18 am
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