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पडोसी गांव के ही निकले भाजपा नेता यासीन के हत्यारे

नारायणपुर पुलिस ने एक आरोपी किया गिरफ्तार
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अलवर

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mohit bawaliya

Jul 15, 2024

पुलिस गिरफ्त में आरोपी अकरम

अलवर. भाजपा कार्यकर्ता यासीन खान पहलवान की निर्मम हत्या मामले में नारायणपुर पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि भाजपा नेता यासीन के पडोसी गांव के ही है हत्यारे। पूर्व से चल रही रंजिश को लेकर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बेलाका निवासी अकरम के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने यासीन की हत्या के लिए कई दिनों से योजना बनाई हुई थी। मृतक यासीन के परिवारजन व आरोपियों के बीच पूर्व में भी मारपीट की घटना हो चुकी है। यासीन की हत्या की घटना के बाद पुलिस ने उसके घर की चौकसी बढ़ा दी थी।

गाड़ी में जीपीएस लगाकर किया यासीन का पीछा
पुलिस ने बताया आरोपियों ने यासीन की गाड़ी में जीपीएस लगाया था। जिसकी मदद से वह यासीन का पीछा करते हुए नारायणपुर के विजयपुरा इलाके में पहुंचे। यहां यासीन की गाड़ी रुकवाकर एक दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीरावस्था में यासीन को जयपुर के एमएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान 12 जुलाई की सुबह उनकी मौत हो गई।

यह है पूरा घटनाक्रम
घटना 11 जुलाई शाम 7.10 बजे की है। मूंगस्का निवासी यासीन खान पहलवान (52) पुत्र अमीर खान अपने साथी भाजपा कार्यकर्ता एडवोकेट जितेन्द्र शर्मा और प्रमेन्द्र के साथ जयपुर से लौट रहे थे। नारायणपुर के विजयपुरा के समीप दो गाडिय़ों में सवार बदमाशों ने कार को रुकवा उसमें तोडफ़ोड़ की। इसके बाद चालक सीट पर बैठे यासीन खान को गाड़ी से बाहर निकाल लिया और रोड पर पटककर लाठी-डंडे, सरिया, रॉड, हथौड़े और कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। हमले में यासीन के हाथ-पैर, फेफड़े, पसली और कमर पर वार किए। हमलावर फरार हो गए। घटना की सूचना के बाद पुलिस व एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे और अस्पताल पहुंचाया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रैफर कर दिया। एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह यासीन की मौत हो गई। भाजपा कार्यकर्ता यासीन लम्बे से राजनीति में सक्रिय था। रामगढ़ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुका है। उनका ट्रांसपोर्ट का बिजनेस था। वह टैम्पो यूनियन के अध्यक्ष भी रह चुका है।

थप्पड़ से शुरू हुई रंजिश यासीन की हत्या तक पहुंची

यासीन खान की हत्या को पुरानी रंजिश से जोडकऱ देखा जा रहा है। करीब आठ माह पहले एक शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के दौरान यासीन के भाई ने बेलाका निवासी एक लडक़े को थप्पड़ मार दिया था। जिससे मूंगस्का निवासी यासीन पक्ष और बेलाका निवासी अकरम पक्ष के बीच रंजिश पैदा हो गई। हालांकि शादी समारोह के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच समझाइश करा दी गई थी, लेकिन अकरम पक्ष के लोगों ने यासीन के भतीजे इरसाद पर हमला कर पैर तोड़ दिए थे। जिसका प्रकरण कोतवाली थाने में दर्ज हुआ। इसके बाद यासीन पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के शमीम पुत्र अक्का खां के पैर तोड़ दिए। जिसका प्रकरण बगड़ तिराहा थाने में दर्ज हुआ। इसी रंजिश के चलते अकरम पक्ष के बदमाशों ने जानलेवा हमला कर यासीन की निर्मम हत्या कर दी।
हमलावर बोले…तुमसे रंजिश नहीं, गाड़ी में बैठे रहो : हमलावरों ने यासीन के साथी जितेन्द्र शर्मा के कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया। बोले की तुमसे कोई रंजिश नहीं है चुपचाप गाड़ी में बैठे रहो। जबकि दूसरा साथी प्रमेंद्र शर्मा गाड़ी से उतरकर भाग गया।