अलवर. फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बिजली के बिलों में बढ़ोत्तरी करने व पानी की किल्लत को लेकर भाजपाइयों का गुस्सा गुरुवार को बढ़ गया। उन्होंने मिनी सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पार करने जाने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस दौरान पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी हुई। उसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ता भवानी तोप से पैदल मार्च निकालते हुए मिनी सचिवालय के गेट पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पार करने लगे तो पुलिस ने उन्हें वापस भेजा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बिजली की दरों में किसी प्रकार की बढ़ोत्तरी न करने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद इस सरकार ने अपने ही वादे भुला दिया। जनता के साथ धोखा किया। पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल ने कहा कि बिजली के बिलों में बढ़ोत्तरी से लोग परेशान हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट है। हजारों गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे जनता पर भार पड़ रहा है। प्रदेश कार्य समिति सदस्य सोहन लाल सुलानिया ने कहा कि सीएम को इन सबके चलते इस्तीफा देना चाहिए। इसके बाद पदाधिकारियों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया। इस मौके पर दिनेश भार्गव जिला महामंत्री पवन जैन, जिला उपाध्यक्ष देशराज वर्मा, राजेंद्र कसाना, लक्ष्मी जाटव, रमन गुलाटी, कृष्णा खंडेलवाल, जितेंद्र राठौड़, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, तरुण जैन, गोवर्धन सिसोदिया आदि रहे।