राजगढ़. क्षेत्र में बंसत पंचमी का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया। शिक्षण संस्थानों, मंदिरों व घरों पर पूजा-अर्चना सहित कई धार्मिक आयोजन हुए। शादी-समारोह की भी धूम रही। मां सरस्वती की पूजा में पीले फूलों का प्रयोग किया। प्रतिमाओं को पीत वस्त्र धारण कराए। श्रद्धालुओं ने भी पीले वस्त्र पहले व पीले ही पकवानों व फलों का भोग लगा प्रसाद बांटा।
राजगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में बसंत पंचमी का पर्व मनाया। गोविन्दपुरा गांव स्थित बाबा शांतिनाथ आश्रम पर भोपाजी के जन्मोत्सव पर दो दिवसीय अखण्ड रामायण पाठ के समापन पर ***** सरोज बाई के सानिध्य में हवन पूजन कर महाआरती की गई। भण्डारा हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने पंगतों में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। रघुवीर चतुर्वेदी सहित कालीपहाडी, चितौस, धमरेड, दिल्ली, जयपुर, अलवर, दौसा, बांदीकुई तथा राजगढ़ क्षेत्र के श्रद्धालु मौजूद रहे।
कस्बे के गायत्री शक्तिपीठ पर गुरुदेव पंडित श्रीराम आचार्य के जन्म दिवस बसंत पंचमी को मनाया। सभी परिजनों ने यज्ञ में आहुतियां प्रदान की। रमेश शर्मा डांगरवाडा के पौते का नामकरण संस्कार हुआ। सभी के स्वस्थ, निरोगी एवं दीर्घायु की प्रार्थना की। परिवार्जक सुनीता शर्मा ने यज्ञ करवाया। मुख्य प्रबंध ट्रस्टी मीना खण्डेलवाल ने गुरूदेव की जीवनी सभी परिजनों को बताई। अंत में शांति पाठ के साथ सूर्य भगवान को जल चढाकर जयघोष किया। इस अवसर पर किरण शर्मा, प्रेम मामोडिया, पिस्ता पाटोदिया, मीरा बटवाडा, राधेश्याम खोह आदि मौजूद थे। कस्बे के चौपड बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर पर भगवान जगन्नाथ और खाटूश्याम बाबा की आकर्षक पीत वस्त्र की झांकी सजाई। मंदिर के मदन मोहन शास्त्री एवं पण्डित रोहित शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी के अवसर पर ठाकुर को नवीन पीत वस्त्र धारण कराए। श्याम बाबा का आकर्षक पीले फूलों से दरबार सजाया। लड्डू व दानों का भोग लगाकर प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। महन्त पूरण दास मुकुल बडाया, मनीष गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, मयूर खण्डेलवाल, पवन पटवा, नमन खूंटेटा, सुभाष शर्मा, महेश खण्डेलवाल, राजेन्द्र सर्राफ, गायत्री शर्मा आदि मौजूद रहे। कस्बे के पंचायती पुस्तकालय एवं वाचनालय के कॅरियर पॉइन्ट सभागार में बसंत पंचमी पर सरस्वती मां का पूजन कर बंसन्तोत्सव मनाया। इस मौके पर सरस्वती वन्दना से कार्यक्रम प्रारम्भ किया। इस अवसर पर पण्डित पूरणचन्द जैमन की ओर से गुरु दीक्षा प्रदान की गई तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर दीपक गुप्ता, किशोर मुखर्जी, राजेन्द्र दीक्षित, अजय शर्मा, जगदीश शर्मा, भूपेन्द्र शर्मा, लक्ष्मीकांत जैमन, महेश भारद्वाज ने अपने विचार व्यक्त किए।
चौरासी धूनी तप का किया शुभारंभ।
माचाड़ी (राजगढ़). माचाड़ी कस्बे के नंगेश्वर धाम आश्रम पर बसंत पंचमी पर्व पर महंत माधव दास के सानिध्य में अनेक संतों ने चौरासी धूनी तप का शुभारंभ किया। महंत माधव दास ने बताया कि यह तप बसंत पंचमी से ज्येष्ठ के दशहरे चार माह तक चौरासी धूनी के बीच बैठकर अग्नि के समक्ष तप किया जाता है। धूनी तप के शुभारंभ से पहले पंडित रामस्वरूप शर्मा ने पूजा- अर्चना व हवन कराया । उसके बाद भंडारा आयोजन किया गया। जिसमे श्रद्धालुओं ने पंगतों में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। चार माह बाद ज्येष्ठ के दशहरे पर समापन के दौरान पूजा अर्चना व हवन-यज्ञ कर भंडारा किया जाएगा। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। नंगेश्वर धाम आश्रम पर धूनी तप के अवसर पर संत मधुसूदन त्यागी, धर्मदास, श्याम दास, रामदास, रामेश्वर दास एवं सद्दा बाबा, चंदन दास, रघुनाथ दास, ओमदास भगत, पंडित मधुसूदन शर्मा, मंडल अध्यक्ष बनवारी लाल मीणा सहित बड़ी संख्या में महिला -पुरुष व बच्चे मौजूद रहे।