
खेरली. कस्बा परिक्षेत्र में खुलेआम बाल वाहिनी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा हैं। आरोप है कि निजी शिक्षण संस्थान निजी वाहनों में बच्चों को ला रहे हैं। इधर पूर्व में हादसों से बेपरवाह अभिभावक इससे चिंतित हैं।
विद्यालय में दूरदराज से विद्यार्थियों को लाने एवं ले जाने के लिए बाल वाहिनी सहित चालक के नियम राज्य सरकार की ओर से निर्धारित किए हुए हैं, जिसमें वाहन के बाल वाहिनी में पंजीकृत होने सहित पीले रंग के होना एवं अन्य कई नियम निर्धारित किए हुए हैं, लेकिन कई विद्यालय निजी वाहन जिनमें वैन, इको, जीप, निजी बस, टेंपो, ई रिक्शा आदि में विद्यार्थियों को लाने एवं ले जाने का उपयोग कर रहे हैं। जिनमें वैन एवं इको आदि तो एलपीजी गैस से भी चल रही हैं। इधर अभिभावक भी अपने बच्चों को इन वाहनों में देख चिंतित हैं। इनका कहना है कि कई बार पूर्व में हादसे हो चुके हैं। उनसे कोई सबक न लेते हुए लापरवाही की जा रही है। प्रशासन भी इस ओर आंख बंद किए हुए हैं।
सीबीईओ ने जारी किया था पत्र
सीबीइओ कठूमर ने समस्त संस्थाओं को बाल वाहिनी के दिशा निर्देशों का पालन किए जाने संबंधी पत्र 14 जून को जारी किया था, लेकिन उक्त पत्र का संबंधित शिक्षण संस्थान मखौल उड़ाते प्रतीत हो रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बाल वाहिनी एवं चालक से संबंधित विभिन्न निर्देश जारी किए हुए हैं, लेकिन शिक्षण संस्थान उनमें से एक भी नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।
हादसे पर याद आते हैं नियम
इधर अभी संस्थान नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही कोई हादसा हो जाता है तो प्रशासन को वाहन का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, बीमा, चालक के लाइसेंस आदि सभी नियम याद आ जाते हैं, लेकिन संस्थाओं की ओर से की जा रही लापरवाही का समय रहते कोई उपचार नहीं किया जा रहा है।
यह बोले जिम्मेदार
सीबीईओ, कठूमर उमेश जैन का कहना है कि बाल वाहिनी में पंजीकृत वाहनों से इतर निजी वाहनों का उपयोग गलत है। पूर्व में पत्र जारी कर सभी को अवगत करा दिया था। इसके बाद भी कोई नियमों का उल्लंघन कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
थानाधिकारी, खेरली महावीर प्रसाद का कहना है कि अपंजीकृत बाल वाहिनी वाहनों में विद्यार्थियों को लाने एवं ले जाने वाले के विरूद्ध अभियान चलाया जाएगा और चालान करने सहित नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। वहीं निजी शिक्षण संस्थान खेरली के अध्यक्ष पुष्पेंद्र नरूका का कहना है कि वे अभी किसी कारणवश कुछ भी कहने में असमर्थ है।
Published on:
09 Jul 2024 11:46 pm

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