
अलवर की कटी घाटी में पहाड़ के नीचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरावली पर्वतमाला के सम्बन्ध में सरकार से कई सवाल किए। साथ ही अवैध खनन को लेकर राज्य और केंद्र सरकार से तीखे सवाल भी किए। जूली ने कहा कि एक ओर वह पहाड़ी है जो संरक्षित क्षेत्र में आती है, जबकि दूसरी ओर खुलेआम खनन किया गया है।
उन्होंने ऐलान किया कि अरावली को बचाने के लिए कांग्रेस सभी जिलों में जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसकी शुरुआत 27 दिसंबर को अलवर से की जाएगी। इस अभियान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पवन खेड़ा, गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
जूली ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से सवाल करते हुए कहा कि बताएं ऐसी कौन-सी मजबूरी रही कि अरावली माता को बेचने का फैसला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरावली में खनन पर सुप्रीम कोर्ट की पहले से रोक है, फिर भी भ्रम फैलाया जा रहा है। जूली ने दावा किया कि नए आदेशों से 90 प्रतिशत पहाड़ियां खनन के दायरे में आ सकती हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पर्ची बोले गए बयान के बाद क्या कदम उठाए गए, यह जनता जानना चाहती है। जूली ने आरोप लगाया कि 2024 में नई फाइल चलाकर उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने आमजन से 27 तारीख के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
Updated on:
25 Dec 2025 03:32 pm
Published on:
25 Dec 2025 03:32 pm
