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भ्रष्टाचार का खेल निराला : बिजली निगम ठेकेदार ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर कर रहा अवैध वसूली !

बहरोड़. राज्य सरकार द्वारा कृषि कनेक्शन पर रोक हटाये जाने व डार्क जॉन में ट््यूबवेल खुदाई की अनुमति दिये जाने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने विद्युत निगम के पास कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। ताकि वह फसल ङ्क्षसचाई के लिए कृषि कनेक्शन ले सके। ऐसे में विद्युत निगम अधिकारियों व ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत का खामियाजा आम किसानों को उठाना पड़ रहा है।

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भ्रष्टाचार का खेल निराला : बिजली निगम ठेकेदार ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर कर रहा अवैध वसूली !

भ्रष्टाचार का खेल निराला : बिजली निगम ठेकेदार ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर कर रहा अवैध वसूली !


बहरोड़. राज्य सरकार द्वारा कृषि कनेक्शन पर रोक हटाये जाने व डार्क जॉन में ट््यूबवेल खुदाई की अनुमति दिये जाने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने विद्युत निगम के पास कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। ताकि वह फसल ङ्क्षसचाई के लिए कृषि कनेक्शन ले सके। ऐसे में विद्युत निगम अधिकारियों व ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत का खामियाजा आम किसानों को उठाना पड़ रहा है।
55 किसानों के कृषि कनेक्शन बकाया : बहरोड़ सहायक अभियंता शहरी क्षेत्र में वर्तमान में करीब 55 कृषि कनेक्शन निगम द्वारा किसानों को अभी तक जारी नहीं किये गए है।क्योंकि जिन किसानों की निगम अधिकारियों व ठेकेदारों से जान पहचान होती है वह अपनी जान पहचान के चलते उनसे पहले आने वाले किसानों के कृषि कनेक्शन की बजाय अपना कृषि कनेक्शन करवा लेते है।
निगम अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है खेल : क्षेत्र में विद्युत निगम के ठेकेदारों व विद्युत निगम के जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को जमकर लूटने का कार्य चल रहा है। ठेकेदार व निगम कर्मचारी व अधिकारी किसानों को कृषि कनेक्शन के नाम पर लाइन डालने व ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर पांच से सात हजार रुपए की मांग की जा रही है। ऐसे में अगर कोई किसान ठेकेदारों व निगम कर्मचारियों को रुपए नहीं देता है तो ठेकेदार व निगम कर्मचारी ट्रांसफार्मर तक उतार देते है। जिसके चलते किसानों को मजबूरन होकर विद्युत निगम के ठेकेदारों व कर्मचारियों को खेतों में ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर रुपए देने पड़ते है। अगर उन्होंने रुपए नहीं दिए तो निगम कर्मचारी व अधिकारी अनेक बहाने लगाकर कृषि कनेक्शन के लिए किसानों के खेतों में रखे हुए ट्रांसफार्मर को उतार कर अन्य मिलने वालों को दे दिया जाता है।
वहीँ दूसरी ओर विद्युत निगम के अधिकारी ने बताया कि सहायक अभियंता शहरी क्षेत्र बहरोड़ में वर्तमान में 55 किसानों के कृषि कनेक्शन होने बाकी है। तो वहीं दूसरी ओर निगम द्वारा जारी किए जाने वाले कृषि कनेक्शन को लेकर ठेकेदारों को भुगतान निगम द्वारा किया जाता है। ठेकेदार सामान परिवहन के दो से ढाई हजार रुपए तक किसानों से वसूल सकता है तो दूसरी ओर किसान भी निगम कार्यालय से सामान व ट्रांसफार्मर अपने स्तर पर ले जा सकता है।

55 किसानों के नहीं हुए है कृषि कनेक्शन

इनका कहना है
&निगम द्वारा नम्बर के हिसाब से किसानों को ट्रांसफार्मर जारी किए जा रहे है और अगर कोई भी ठेकेदार अन्य किसानों के ट्रांसफार्मर रख रहा है तथा किसानों से ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर पांच से सात हजार रुपए की मांग की जा रही है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमित यादव, सहायक अभियंता जेवीवीएनएल, बहरोड़ शहर

ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर वसूल रहे पांच से सात हजार रुपए
विद्युत निगम द्वारा बिजली लाइन डालने व किसानों के खेतों में ट्रांसफार्मर रखने का कार्य ठेकेदारों को सौंप रखा है,लेकिन ठेकेदारों द्वारा किसानों से ट्रांसफार्मर रखने के नाम पर पांच से सात हजार रुपए की मांग किसानों से की जा रही है।जिसको लेकर एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें ठेकेदार द्वारा किसान के खेत में ट्रांसफार्मर रखने की एवज में पांच से सात हजार रुपए की मांग की का रही है और कहा जा रहा है कि अगर उसने रुपए नहीं दिए तो उसका ट्रांसफार्मर उतार कर अन्य किसान के खेत में लगा दिया जाएगा।