पर्व के चलते मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया, जबकि बच्चों और युवाओं में पतंग उड़ाने को लेकर खास उत्साह देखा गया। कुल मिलाकर अलवर में मकर संक्रांति का पर्व धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदना के संदेश के साथ हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है।