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बदमाशों की ये देखो करतूत…फेरी के बहाने रैकी-कबाड़ के बहाने चोरी, पढ़े यह

बड़े कस्बे हो या शहर और गांव-ढाणियां, बदमाश अपने मंसूबे पूरे करने के लिए हर जगह नाना तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। डिजिटल साइबर ठगी से लेकर फेरी के बहाने रैकी व कबाड़ खरीदने के बहाने चोरी जैसी वारदातों को आसानी से अंजाम दे देते हैं। एक से दूसरे राज्य में ऐसे समाजकंटक पहुंच जाते हैं और गैंग बनाकर योजनाएं रचते रहते हैं। दूसरी पुलिस का इस ओर ध्यान ही नहीं रहता।

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Theft on the pretext of buying rake and junk on the pretext of ferrying

गैंग बनाकर योजनाएं रचते रहते हैं। दूसरी पुलिस का इस ओर ध्यान ही नहीं रहता।

बहरोड़ (अलवर). जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सामान बेचने व कबाड़ खरीद के बहाने बदमाशों ने घरों की रैकी करने का जरिया बना लिया है। जो कि फेरी देकर सामान बेचने व कबाड़ खरीदने के बहाने कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे घरों को चुनते हैं, जहां पर महिला व बच्चे हो या फिर किसी घर में कोई भी व्यक्ति नहीं हो। सामान बेचने व कबाड़ खरीद के बहाने घरों की रैकी कर यहां पर चोरी की घटना को रात या दिन में मौका पाकर आसानी से वारदात को अंजाम दे देते है।

नहीं होता है किसी तरह का कोई रिकॉर्ड
कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में कबाड़ खरीद करने व बेचने वालों का पुलिस थाने में किसी तरह का कोई रिकॉर्ड तक नहीं होता है। जबकि यह कस्बे की विभिन्न कॉलोनियों में ही कमरे किराए पर लेकर रहते हैं, लेकिन उसके बाद भी मकान मालिक कबाड़ खरीद करने व घर-घर जाकर सामान की बिक्री करने वालों का पुलिस वैरिफिकेशन तक नहीं करवाते है।

चोरी की घटना को अंजाम देकर हो जाते हैं फरार
कस्बे के विभिन्न गली मोहल्लों व गांवों में चोरी कर सामान के साथ फरार हो जाते है। जिसे लेकर मकान मालिक तक भी कोई जानकारी नहीं करते है। कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में कबाड़ का कार्य करने वाले चोरों से चोरी का सामान तक खरीद करते है। पुलिस ने पूर्व में कई कबाडिय़ों को चोरी का सामान खरीद करने के मामले में गिरफ्तार किया है, लेकिन उसके बाद भी इनकी कोई जांच तक नहीं होती है। मकान मालिक इनसे न तो आईडी कार्ड लेते है और नहीं पुलिस वैरिफिकेशन करवाते है।

...और पुलिस का जवाब
इधर मामले में पुलिस उपाधीक्षक बहरोड़ राव आनंद का कहना है कि घरों में सामान बेचने व कबाड़ खरीद करने वालों को लेकर सघन अभियान चलाया जाएगा। मकान मालिक जो कि कमरे किराए पर देते हैं, उन्हें भी पुलिस वैरिफिकेशन करवाने के लिए पाबन्द किया जाएगा।