
भिवाड़ी पुलिस जिले में अपराधियों ने फिर सिर उठाया, बढ़ीं संगीन वारदात
अलवर. अपराध की दृष्टि से संवेदनशील अलवर जिले को सरकार ने भले ही दो पुलिस जिलों में विभाजित कर दिया हो, लेकिन फिर भी यहां अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। नए पुलिस जिला भिवाड़ी में अचानक से संगीन अपराध फिर सिर उठाने लगा है। पिछले कुछ दिनों से एक के बाद एक हत्या और फायरिंग जैसी संगीन वारदातें हो रही हैं। जिले में बढ़ते अपराध को देखते हुए राज्य सरकार ने अलवर को क्रिटिकल माना और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने थानागाजी गैंगरेप की घटना के दौरान अलवर को दो पुलिस जिलों में विभाजित करने की घोषणा की। १५ अगस्त को भिवाड़ी को नया पुलिस जिला बनाते हुए यहां वर्ष-२००७ बैच के आईपीएस अधिकारी अमनदीप सिंह कपूर को पुलिस अधीक्षक लगाया। नए पुलिस जिले भिवाड़ी में करीब २० दिन बाद ही एेसी सनसनीखेज घटना हुई, जिसने पूरी राजस्थान पुलिस को शर्मसार कर दिया। ६ सितम्बर को कुख्यात अपराधी विक्रम उर्फ पपला गुर्जर बहरोड़ थाने में एके-४७ से हमला कराकर लॉकअप से फरार हो गया था। भिवाड़ी पुलिस जिले में लगातार अपराध हो रहे हैं, लेकिन पिछले करीब एक माह से संगीन अपराधों में और तेजी आ गई है।
इन अपराधों से हिला भिवाड़ी जिला
२४ नवम्बर को मुण्डावर के दरबारपुर गांव में सरपंच पति महावीर यादव की आपसी रंजिश में कुल्हाड़ी व लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
२५ नवम्बर को बहरोड़ के कोहराना गांव में ढाबे पर बैठे युवक अनिल कुमार की आपसी रंजिश को लेकर गोली मार दी गई। जिसकी जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
६ नवम्बर को बानसूर इलाके में प्रेम प्रसंग के चलते युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी।
२८ अक्टूबर की रात को हरसौरा थाना इलाके में चाय की दुकान पर सो रहे युवक विजय उर्फ कालू की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
२७ अक्टूबर को दिवाली के दिन नीमराणा इलाके में एक व्यक्ति की पिकअप से कुचलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
रंजिशवश हुई हत्याएं
&भिवाड़ी जिले में पूर्व में हुई सभी हत्याएं आपसी रंजिशवश हुई हैं। इन वारदातों का खुलासा पुलिस के लिए प्राथमिकता रही। अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रयासरत है।
- अमनदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, भिवाड़ी।
Published on:
28 Nov 2019 04:00 am

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