23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपराध में ‘क्रिटिकल’…फिर भी चौकियों के मोहताज अलवर के पुलिस थाने

-अलवर जिले में हैं 26 पुलिस थाने, कई थानों के क्षेत्राधिकार में एक भी पुलिस चौकी नहीं -पुलिस को अपराधों पर अंकुश लगाने में आ रही परेशानी

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Sujeet Kumar

Mar 21, 2024

अपराध में 'क्रिटिकल'...फिर भी चौकियों के मोहताज अलवर के पुलिस थाने

अपराध में 'क्रिटिकल'...फिर भी चौकियों के मोहताज अलवर के पुलिस थाने

सुजीत कुमार.अलवर. अपराध की दृष्टि से अलवर जिला 'क्रिटिकल' है। यहां 26 पुलिस थाने हैं। जिनमें सालाना 13 हजार से ज्यादा अपराध दर्ज होते हैं। इनमें कई पुलिस थाने ऐसे हैं, जिनकी क्षेत्र में पकड़ कमजोर बनी हुई है। इसके पीछे वजह है कि इन थानों का कोई दूसरा 'ठिकाना' नहीं है। यानि कि इन थानों के क्षेत्राधिकार में एक भी पुलिस चौकी नहीं है। वहीं, कुछ थानों का क्षेत्राधिकार तो बड़ा है, लेकिन चौकियां इक्का-दुक्का ही हैं। ऐसे में पुलिस को अपराधों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।

इन थाना क्षेत्र में नहीं एक भी पुलिस चौकी
अलवर जिले के वैशाली नगर, बगड़ तिराहा, विजय मंदिर, खेरली, बहतूकलां ऐसे पुलिस थाने हैं। जिनके अंतर्गत एक भी पुलिस चौकी नहीं है। उद्योग नगर थाना क्षेत्र में मात्र एक बख्तल अस्थाई चौकी है। गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में नसवारी गोरक्षा और तालड़ा अस्थाई पुलिस चौकियां हैं। वहीं, शिवाजी पार्क,अरावली विहार, रामगढ़, सदर, अकबरपुर, थानागाजी, प्रतापगढ़, राजगढ़, टहला, रैणी, लक्ष्मणगढ़, बड़ौदामेव और कठूमर आदि थानों का क्षेत्राधिकार काफी बड़ा है, लेकिन इन थानों में एक या दो पुलिस चौकियां ही संचालित हैं। इनमें कुछ अस्थाई या गौरक्षा चौकी हैं।

न सूचना मिल रही, न पुलिस समय पर पहुंच रही

पुलिस चौकियां मिनी थानों के रूप में काम करती हैं। अलवर जिले कई शहरी और ग्रामीण पुलिस थानों का क्षेत्राधिकार काफी बड़ा हैं। उनके क्षेत्र में कई मोहल्ले-कॉलोनी या गांव-ढाणियां आते हैं। इन थाना क्षेत्रों में चौकियां नहीं होने के कारण पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर हो रहा है। क्षेत्र में होने वाले कई अपराधों और अपराधियों की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंच पा रही है। वहीं, अपराध घटित होने की सूचना देरी से मिलने के कारण पुलिस भी समय पर नहीं पहुंच पाती है।
कोतवाली क्षेत्र में सबसे ज्यादा चौकी

अलवर जिला मुख्यालय पर शहर कोतवाली थाना ऐसा है, जिसके क्षेत्राधिकार में सबसे ज्यादा पुलिस चौकियां हैं। कोतवाली थाना इलाके में पुराना कटला, लालगेट, सामान्य अस्पताल, केड़लगंज, तीजकी, अखैपुरा, बस स्टैण्ड और न्यायालय परिसर अस्थाई समेत कुछ 8 पुलिस चौकियां हैं। हालांकि इनमें से पुराना कटला, लालगेट, केड़लगंज और तीजकी पुलिस चौकी पर अक्सर ताला ही लटका नजर आता है।
----

जिले की थाने और पुलिस चौकी

1. शहर कोतवाली थाना -: पुराना कटला, लालगेट, सामान्य चिकित्सालय, केड़लगंज, तीजकी, अखैपुरा, बस स्टैण्ड व न्यायालय परिसर (अस्थाई)।
2. शिवाजी पार्क थाना -: सिविल लाइन

3. एनईबी थाना -: एनईबी व हनुमान मंदिर
4. अरावली विहार थाना -: कालीमोरी व मिनी सचिवालय (अस्थाई)

5. वैशाली नगर थाना -: कोई नहीं
6. उद्योग नगर थाना -: बख्तल (अस्थाई)

7. बगड़ तिराहा थाना -: कोई नहीं
8. रामगढ़ थाना -: अलावड़ा गौरक्षा चौकी

9. नौगांवा थाना -: नौगांवा व सम्मनवास
10. साइबर पुलिस थाना -: कोई नहीं

11. सदर थाना -: बहादुरपुर व चिकानी गौरक्षा चौकी
12. मालाखेड़ा थाना -: भर्तृहरि चौकी

13. अकबरपुर थाना -: नटनी का बारां गौरक्षा व सिलीसेढ़
14. विजय मंदिर थाना -: कोई नहीं

15. थानागाजी थाना -: घाटा बांदरोल
16. प्रतापगढ़ थाना -: अजबगढ़

17. राजगढ़ थाना -: सिटी राजगढ़ व बारां भड़कोल (अस्थाई)
18. टहला थाना -: बलदेवगढ़ (गोलाकाबास)

19. रैणी थाना -: करणपुरा (गढ़ीसवाईराम)
20. लक्ष्मणगढ़ थाना -: लक्ष्मणगढ़ चौकी

21. बड़ौदामेव थाना -: बड़ौदामेव चौकी
22. गोविंदगढ़ थाना -: नसवारी गौरक्षा व तालड़ा अस्थाई चौकी

23. खेरली थाना -: कोई नहीं
24. कठूमर थाना -: टीकरी

25. बहतूकलां थाना -: कोई नहीं
26. महिला थाना -: कोई नहीं

-----
बेहतर प्रयास जारी
जिले में अपराधों की रोकथाम की दिशा में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से पुलिस की ओर से बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। कई नए थाने और पुलिस चौकियों के प्रस्ताव मुख्यालय को भेजे हुए हैं।

- आनंद शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर