अलवर. सकट क्षेत्र के गांव नारायणपुर स्थित त्रिदंडी स्वामी यति के आश्रम पर संत साईं राम के सानिध्य में विश्व शांति एवं मानव कल्याण के लिए आयोजित नौ दिवसीय 21 कुंडीय विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को पूर्णाहुति व भंडारे के साथ समापन हो गया।
भंडारे में लड्डू पूरी व सब्जी की प्रसादी तैयार की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की। प्रसादी वितरण के लिए कार्यकर्ता जुटे रहे। प्रसाद को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। भंडारा शुरू होने से पूर्व यज्ञाचार्य पं. कृष्ण कुमार शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विष्णु महायज्ञ की पूर्णाहुति का कराई। श्रद्धालुओं ने यज्ञवेदी में पूर्णाहुति डालकर क्षेत्र में खुशहाली व सुख-समृद्धि की कामना की। जगन्नाथ पुरी के कथा वाचक संत बोधायन ने श्रीमद भागवत कथा की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होने के साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा लगा कर ब्रह्मलीन त्रिदंडी स्वामी यति के समाधि स्थल पर मत्था टेक मन्नत मांगी। आश्रम में यति की अष्टधातु से निर्मित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। वृद्धाश्रम निर्माण कार्य के लिए नींव रखी गई। आयोजन को लेकर बुधवार रात्रि को आश्रम में शास्त्रीय संगीत, पद दंगल आयोजित हुआ। जिसमें गायकों ने भजनों की प्रस्तुतियां पेश की। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के छोटे भाई सेवानिवृत्त आरएस अधिकारी जगमोहन मीणा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि यज्ञ जैसे आयोजनों से भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। युवा पीढ़ी में अच्छे संस्कार आते हैं। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल जैन, थानागाजी नगरपालिका के पार्षद रोहिताश घायल, पूर्व सरपंच फतेह मीणा सहित कई लोग मौजूद थे।