
अलवर. नगर निगम चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। इसे को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने को लेकर अभियान चला रहा है। इस चुनाव में विकास मुद्दा न बने, इसके लिए नगर निगम 36 करोड़ रुपए सड़क निर्माण पर खर्च करेगा। अप्रेल से यह कार्य शुरू करने की योजना है।
नगर निगम ने आगामी बजट में सड़कों के लिए 21 करोड़ रुपए व सीसी सड़क, टाइल्स के लिए 16 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया है। 21 करोड़ रुपए से वार्डों के प्रमुख मार्गों को चमकाया जा सकेगा। हालांकि वर्ष 2025-26 के बजट के जरिए 13 करोड़ रुपए सड़कों पर खर्च करके 40 वार्डों में काम करवाए गए हैं। 10 से अधिक सड़कों के कार्य अभी प्रगतिरत हैं। शेष वार्डों की सड़कों को आगामी बजट में पारित प्रस्ताव से सुधारा जाएगा। सीसी सड़क उन एरिया में बनाई जाएंगी, जहां पर जलभराव की समस्या है। इसका खाका नगर निगम का निर्माण विभाग तैयार कर रहा है। सड़क किनारे मिट्टी कई जगह उड़ती है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। ऐसे में वहां निगम टाइल्स लगाने की योजना बना रहा है।
ऐसे बनता है चुनाव में मुद्दा
जानकारों का कहना है कि निकाय चुनाव में सुविधाएं व विकास का आकलन जनता करती है। वार्ड पार्षद से लेकर अन्य राजनीतिक लोग इसे मुद्दा बनाते हैं। विपक्षी दल के नेता जनता को यह बताने में भी कामयाब हो जाते हैं कि उनके यहां की सड़कें तक नहीं बनी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़कों को चमकाने की योजना है, ताकि निकाय चुनाव में विभाग पर कोई उंगली न उठाए।
सड़क गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग
दिल्ली रोड से देसूला तक डामर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। देसूला ग्राम पंचायत के लोगों का आरोप है कि दो साल बाद यह सड़क निर्माण हो रहा है और इसकी गुणवत्ता काफी खराब है। पीडब्ल्यूडी की ओर से यह निर्माण किया जा रहा है। इस सड़क की गुणवत्ता जांची जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्ताविहीन सड़क बनाई गई, तो वह विरोध करेंगे। कार्य नहीं होने देंगे। देसूला ग्राम पंचायत में गुणवत्तायुक्त कार्य किए जाएं।
Updated on:
28 Mar 2026 11:12 am
Published on:
28 Mar 2026 11:11 am
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