
कपास की खेती से हो रहा मोहभंग, बुवाई का रकबा घटा
अलवर. जिले के किसान पिछले कई सालों से कपास की खेती करते आ रह हैं, लेकिन पिछले पांच सालों में किसानों ने इसकी बुवाई कम कर दी है। इन वर्षों में करीब 18 हजार हेक्टेयर रकबा कम हो गया। इसका एक कारण ये है कि मौसम साथ नहीं दे रहा और दूसरा किसानों को रेट सही नहीं मिल पा रहे। फसल की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
जिले में हो रही बेमौसम बरसात ने कपास की बुवाई प्रभावित कर दी। क्योंकि पिछले पांच वर्षों से किसान मौसम की मार से परेशान हैं। क्योंकि कपास की जब बुवाई होती है तो बरसात शुरू हो जाती है। जब कपास खिलने का समय आता है तब भी कई बार बारिश हुई और फसल खराब हुई। फसल में टिड्ढे आदि भी लगते हैं। रोग के कारण भी फसल का उत्पादन गिर रहा है। बाजार भाव भी किसानों को नहीं मिल पाता।
ये है फसल का रकबा व उत्पादन
वर्ष क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) उत्पादन (मीट्रिक टन में)
2018 64293 23292
2019 72404 33878
2020 63197 32815
2021 55619 26054
2022 45271 19288
बारिश के कारण फसल प्रभावित
बेमोसम बारिश के कारण कपास की फसल प्रभावित हो रही है। कीटनाशक भी उत्पादन घटा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को फसल के लिए हम सावधानियां बरतने को कहते हैं ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।
सूरजभान शर्मा, कार्यवाहक संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग
Published on:
30 May 2023 09:42 pm
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