
अलवर जिले के खैरथल कस्बे में धड़ल्ले से हो रही अवैध बोरिंग मामले में शुक्रवार को जिला कलक्टर राजन विशाल स्वयं खैरथल पहुंचे। उन्होंने खैरथल नगर पालिका ईओ राहुल अग्रवाल को तलब कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कलक्टर ने निर्देश दिए कि क्षेत्र में होने वाले अवैध बोरिंगों पर पूरी तरह से निगरानी रखें। जहां भी बिना अनुमति के अवैध रूप से बोरिंग खुदाई मिले, वहां तुरंत काम रुकवाते हुए मशीनों व उपकरणों को जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।
जिला कलक्टर शुक्रवार को उप तहसील कार्यालय में निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने नायब तहसीलदार भंवरसिंह गौड़ की मौजूदगी में पंजीयन शाखा का निरीक्षण करने के बाद नगर पालिका के ईओ राहुल अग्रवाल को बुलवाकर जवाब-तलब किया। जिला कलक्टर ने कस्बे में अवैध रूप से निजी संस्थानों व घरों के सामने सडक़ पर बोरवेल खुदाई करने के विरुद्ध अब तक की कार्रवाई की प्रगति की जानकारी ली और नगर पालिका क्षेत्र में निजी ट्यूबवेल का सर्वे करवाने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कस्बे में जलापूर्ति व्यवस्था के बारे में भी ईओ से जानकारी ली। इसके अतिरिक्त किशनगढ़बास के एसडीएम सुभाष यादव की ओर से भी नगर पालिका ईओ से निजी ट्यूबवेल का सर्वे कराने व अवैध पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर, पालिका के ईओ राहुल अग्रवाल ने कहना है कि जिला कलक्टर व उपखण्ड अधिकारी के निर्देशों की पालना की जाएगी।
बोरिंग मशीनों में आखिर किस का हिस्सा
क्षेत्र में दर्जनों बोरिंग मशीनें खुलेआम बोरिंग खुदाई कर रही हैं। जानकारी में आया है कि क्षेत्र में बाहर आकर बोरिंग करने वाली एक कम्पनी की बोरिंग मशीनों में क्षेत्र के एक रसूखदार का हिस्सा है। उक्त मशीनों पर कार्रवाई की बारी आने पर प्रशासन के अधिकारी शिथिल पड़ जाते हैं और अपनी खाल बचाने के लिए गली निकालने लगते हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है। ज्यादा दबाव की स्थिति में सिर्फ बोरिंग खुदाई का काम रुकवाकर इतिश्री कर ली जाती है। जबकि बोरिंग मशीन व उपकरणों की जब्ती और बोरिंग मालिक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है।
राजनीतिक दबाव में नहीं आएं
जिला कलक्टर के जवाब-तलब के दौरान अधिकारियों ने कुछ बातों पर बेबसी जाहिर की। इस पर कलक्टर ने कहा कि अवैध बोरिंग मामलों में किसी भी राजनीतिक या अन्य दबाव में नहीं आएं और सख्ती से कार्रवाई करके दिखाएं।
जमीन के नीचे कई अवैध बोरिंग: कस्बे में जमीन के लिए सैकड़ों फीट गहराई तक कई अवैध बोरिंग किए हुए हैं। जिनके बारे में प्रशासन, नगर पालिका और जलदाय विभाग के अधिकारियों को बखूबी जानकारी है। इनमें से ज्यादातर बोरिंग रसूखदारों के हैं। जिसके कारण अधिकारी खुले तौर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।
अवैध बोरिंग के पीछे खेल ये भी
अवैध बोरिंग कराने में जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी पीछे नहीं हैं। रसूखदार लोग इनसे सिफारिशें कराकर धड़ल्ले से अवैध बोरिंग खुदाई करवाते हैं। पिछले दिनों खैरथल अनाज मण्डी में अवैध बोरिंग कराने के लिए क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि ने ही सिफारिश की थी।
Published on:
17 Feb 2018 09:03 am
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