अलवर. कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली का कहना है कि शारीरिक विकलांगता व्यक्ति की सफलता में बाधक नहीं हो सकती। यदि विकलांग मजबूत इरादों से अपना लक्ष्य पूरा करने की ठान लें तो सफलता मिलना निश्चित है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि शारीरिक विकलांगता मेरे जीवन में कभी आड़े नहीं आई। जब मैं स्कूल में पढ़ता था तो कुछ लोग मुझे लंगडी कहते थे, लेकिन मैंने कभी बुरा नहीं माना और अपने मजबूत इरादों से सफल उद्योगपति, राजनेता से लेकर कैबिनेट मंत्री पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि विकलांगता का परिहास नहीं उड़ाना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री जूली ने दिव्यांगों की ओर से निकाली गई धन्यवाद रैली के दौरान यह बातें साझा की। उन्होंने दिव्यांगों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मुझे क्रिकेट खेलने का शौक था लेकिन मैं रन लेेने के लिए भाग नहीं सकता। लेकिन कभी अपने हौसलों को कम नहीं होने दिया।
परमार्थ दिव्यांग एवं जनकल्याण संस्थान और दिव्यांग जन कल्याण संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री दिव्यांग नि:शुल्क स्कूटी वितरण योजना के लाभार्थियों की ओर से शुक्रवार को धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया। रैली में मंत्री जूली ने शामिल होकर लाभार्थी दिव्यांगजनों से बातचीत कर उत्साह बढ़ाया। रैली शहीद स्मारक से प्रारम्भ हो मुख्य मार्गो से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। यहां एडीएम प्रथम उत्तम सिंह शेखावत ने दिव्यांगजनों का अभिनंदन किया। इस दौरान अलवर जिला कलक्टर ने भी मोबाइल पर दिव्यांगों से वीडियोकाल से बात की। दिव्यांगों ने कलक्ट्रेट कार्यालय में दिव्यांगों के लिए नीचे कमरा बनाने पर धन्यवाद दिया। केबिनेट मंत्री ने कहा कि एक बार पुन: अप्रेल के प्रथम सप्ताह से मुख्यमंत्री दिव्यांग नि:शुल्क स्कूटी वितरण योजना से संबंधित पोर्टल को शुरू करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली पेंशन अब 1000 रुपए कर दी गई है व हर वर्ष पेंशन में स्वत: ही 15 प्रतिशत की वृद्वि होगी। परमार्थ दिव्यांग एवं जनकल्याण संस्थान के उपाध्यक्ष भवानी शर्मा ने बताया कि अलवर में प्रथम चरण में 109 स्कूटी एवं 27 मार्च को आयोजित द्वितीय चरण के कार्यक्रम में 263 नि:शुल्क स्कूटी का वितरण किया गया था।