
भिवाड़ी. ट्रेक पर किया जा रहा ओएचई वायरिंग का कार्य।
भिवाड़ी. एनसीआर में शामिल राजस्थान प्रदेश का औद्योगिक कस्बा भिवाड़ी क्षेत्र में जल्द ही मालगाड़ी दौड़ती नजर आएगी। इस क्षेत्र से गुजर रहे डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर (डीएफसी) पर काफी कार्य पूरा हो चुका है। अलवर जिले के भिवाड़ी सेक्शन में 18 किमी का रेलवे ट्रेक है। जिसमें 8 किमी ट्रेक पर ओएचई की वायरिंग और 18 किमी में फीडर वायरिंग हो चुकी है। ट्रायल के लिए विद्युत प्रवाह भी होने लगा है। बताया जा रहा है कि रेवाड़ी से दादरी तक का काम दिसंबर में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद मालगाड़ी दौडऩे लगेगी।
रेलवे सूत्रों का दावा है कि अभी देश में मालगाड़ी के लिए अलग ट्रेक नहीं है। डीएफसी निर्माण के बाद मालगाडिय़ों की गति भी यात्री ट्रेन की तरह होगी। जिससे समय पर माल को पहुंचाएगी। साथ ही भाड़ा दर भी कम हो जाएगी। यात्री ट्रेनों के रूट से मालगाड़ी हटने के बाद वहां भी ट्रेनों का दबाव कम होगा।
अजंता चौक 220केवी जीएसएस से होगी बिजली आपूर्ति
निर्माण एजेंसी के सहायक प्रबंधक औद्योगिक संबंध अधिकारी आलोककुमार ने बताया कि ट्रेक पर विद्युतीकरण का काम हो रहा है और विद्युत प्रवाह होता रहता है। इसलिए ग्रामीणों को सावधानी रखनी होगी। डीएफसी पर चलने वाली ट्रेन को अजंता चौक स्थित 220केवी जीएसएस से बिजली आपूर्ति होगी। रेलवे को इस ट्रेक पर ट्रेन संचालन के लिए करीब 60 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। अभी करीब पांच मेगावाट बिजली की जरूरत है, क्योंकि शुरुआत में टेस्टिंग की प्रक्रिया चलेगी। बाद में जरूरत अनुसार इसे बढ़ाया जा सकेगा। विद्युत निगम की ओर से 220केवी जीएसएस से कनेक्शन दिया गया है। रेलवे की तरफ से कहरानी गैस गोदाम के पास स्थित पाइप कंपनी के बराबर से जीएसएस का निर्माण किया गया है। विद्युतापूर्ति के लिए खंभे और लाइन का काम भी किया जा चुका है।
कॉरिडोर के निर्माण पर होंगे 3799 करोड़ रुपए खर्च
उत्तरप्रदेश में नोएडा के पास दादरी से शुरू होने वाला डीएफसी मुंबई में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक इस ट्रेक की लंबाई 1504 किमी है। जिसे कई भागों में बांटकर निर्माण कार्य हो रहा है। भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र रेवाड़ी से दादरी तक के 128 किमी लंबा है। डीएफसी पर 80 से 100 किमी की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन से मालगाड़ी दौड़ेगी। इस कॉरिडोर के निर्माण पर 3799 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ट्रेक पर डबल डेकर मालगाड़ी दौड़ेगी।
यह हो चुका काम
रेवाड़ी से दादरी तक 128 किमी के हिस्से में काम को तीन भागों में बांटकर किया जा रहा है। जिसमें सिविल वर्क पूरा हो चुका है। इलेक्ट्रिक का काम प्रगति पर है। पृथला से दादरी तक का ट्रेक डल चुका है और ट्रायल रन भी हो चुका है। इसी तरह रेवाड़ी से मेवात तक ट्रेक डल चुका है और सिविल वर्क पूरा हो चुका है। इलेक्ट्रिक का काम भी शुरू हो चुका है। तीसरा भाग इन दोनों के बीच में है, जिसमें सोहना में टनल का निर्माण प्रगति पर है। टनल करीब एक किमी लंबी है। दोनों तरफ से टनल भी तैयार हो चुकी है।
Published on:
01 Dec 2022 09:09 pm
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