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नशे की खातिर नसों में लगा रहे स्मैक का इंजेक्शन

अलवर जिला स्मैक का बड़ा अड्डा बन चुका है। युवा पीढ़ी स्मैक के नशे की जबरदस्त गिरफ्त में है। नशे की लत को पूरा करने के लिए ये युवा अपने हाथों की नसों में स्मैक के इंजेक्शन तक लगा रहे हैं। युवाओं में बढ़ती स्मैक की लत को देखते हुए नशे के सौदागर भी अधिक सक्रिय हो गए हैं, लेकिन इन नशे के सौदागरों के खिलाफ का शिकंजा ढीला बना हुआ है।

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नशे की खातिर नसों में लगा रहे स्मैक का इंजेक्शन

नशे की खातिर नसों में लगा रहे स्मैक का इंजेक्शन

. अलवर जिला स्मैक का बड़ा अड्डा बन चुका है। युवा पीढ़ी स्मैक के नशे की जबरदस्त गिरफ्त में है। नशे की लत को पूरा करने के लिए ये युवा अपने हाथों की नसों में स्मैक के इंजेक्शन तक लगा रहे हैं। युवाओं में बढ़ती स्मैक की लत को देखते हुए नशे के सौदागर भी अधिक सक्रिय हो गए हैं, लेकिन इन नशे के सौदागरों के खिलाफ का शिकंजा ढीला बना हुआ है।अलवर जिले में दिल्ली, हरियाणा और उत्तरप्रदेश आदि राज्यों से स्मैक की तस्करी हो रही है। मुण्डावर का तिनकीरूड़ी गांव स्मैक का बड़ा पोर्ट बन चुका है। यहां से अलवर शहर सहित खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा, भिवाड़ी, बहरोड़, बानसूर, मुण्डावर आदि में तस्कर युवाओं को स्मैक सप्लाई कर रहे हैं। नशे के आदी युवा मेडिकल स्टोर से एक या दो प्रकार की दवा की शीशी और इंजेक्शन सीरिंज खरीदते हैं। दवा में स्मैक को मिलाते हैं और फिर सीरिंज से अपने हाथों की नसों में स्मैक का भरा इंजेक्शन लगा लेते हैं।

रोजाना 10 से 15 बार लगाते हैं इंजेक्शन, हाथों पर काले निशान पड़ेअलवर में सैकड़ों युवा स्मैक के नशे के जबरदस्त आदी हो चुके हैं। वह स्मैक को दवा की शीशी में मिलाकर अपने हाथों में इंजेक्शन लगाते हैं। काफी युवा तो ऐसे हैं जो कि दिन में 10 से 15 बार स्मैक के इंजेक्शन भर कर अपने हाथों की नसों में लगा रहे हैं। इससे इनके हाथों की नसों के ऊपर काले निशान तक पड़ चुके हैं। स्मैक का इंजेक्शन तैयार कर लगाने के लिए इन युवाओं ने कई सुनसान ठिकाने तलाशे हुए हैं।

मेडिकल स्टोर बिना डॉक्टर की पर्ची के दे रहे दवा की शीशी

अलवर में स्मैक के नशे की जड़ों को गहरा करने के पीछे कई मेडिकल स्टोर संचालकों की भी भूमिका है। जिले में कई मेडिकल स्टोर ऐसे हैं जो कि बिना डॉक्टर की पर्ची के लोगों को दवाएं दे रहे हैं। नशे के आदी युवाओं को ये दवा की शीशी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल रही है। जिसमें स्मैक मिलाकर ये युवा नसों में स्मैक का इंजेक्शन लगा रहे हैं। इंजेक्शन से हो सकती है मौतनसों में स्मैक से बना इंजेक्शन लगाना स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इससे मौत भी हो सकती है। दरअसल, जो युवा स्मैक का नशा करते हैं वो नशे की हालत में ही कई बार अपनी नसों में स्मैक से भरा इंजेक्शन लगाते हैं। ऐसे में यदि इंजेक्शन में जरा भी हवा रह जाए और उसे नस में लगा दिया जाए तो सम्बिन्धत व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। वहीं, बार-बार इंजेक्शन लगाने से शरीर में स्मैक की अधिक जाने से भी जान जा सकती है।