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सरकारी मंशा पर शिक्षा विभाग ने फेरा पानी, स्कूलों में 32 हजार नामांकन घटे

- कक्षा एक से लेकर 12 तक के आंकड़े आए सामने, दावे थे कि स्कूल-कॉलेजों तक आएंगे छात्र - कुछ छात्र निजी स्कूल पहुंचे तो कुछ दूसरे जिलों के स्कूलों में एडमिशन लिए अलवर. सरकार स्कूलों से लेकर कॉलेजों में छात्रों के दाखिले के लिए तमाम प्रयास कर रही है। शिक्षा विभाग भी खूब जोर लगाने के दावे कर रहा है लेकिन हकीकत कुछ और है। यही कारण है कि कक्षा एक से लेकर 12 तक में एक ही साल में करीब 32 हजार नामांकन कम हुए हैं। बताते हैं कि ये छात्र निजी स्कूलों की ओर गए हैं। कुछ दूसरे जिलों की ओर रुख किए हैं।

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अलवर

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jitendra kumar

Sep 20, 2023

सरकारी मंशा पर शिक्षा विभाग ने फेरा पानी, स्कूलों में 32 हजार नामांकन घटे

सरकारी मंशा पर शिक्षा विभाग ने फेरा पानी, स्कूलों में 32 हजार नामांकन घटे

अलवर. सरकार स्कूलों से लेकर कॉलेजों में छात्रों के दाखिले के लिए तमाम प्रयास कर रही है। शिक्षा विभाग भी खूब जोर लगाने के दावे कर रहा है लेकिन हकीकत कुछ और है। यही कारण है कि कक्षा एक से लेकर 12 तक में एक ही साल में करीब 32 हजार नामांकन कम हुए हैं। बताते हैं कि ये छात्र निजी स्कूलों की ओर गए हैं। कुछ दूसरे जिलों की ओर रुख किए हैं। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार अपेक्षाकृत अभिभावकों को न मिलने के चलते बच्चे दूसरे स्कूलों की ओर रुख कर गए। कोरोना के बाद छात्रों की संख्या में ये बड़ी गिरावट है।
जिले में इस साल सत्र नामांकन 3 लाख 91 हजार 13 है, जबकि पिछले साल का नामांकन 4 लाख 23 हजार 279 था। सत्र 2021-22 में सरकारी स्कूलों के नामांकन 4 लाख 65 हजार 11 तक विद्यार्थियों का था। पिछले दो साल से नामांकन में कमी आई है।

स्कूलों में शिक्षकों को टोटा, 5 हजार से अधिक पद रिक्त
जिले में शाला दर्पण पोर्टल पर 2783 सरकारी स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई करवाने के लिए 17824 शिक्षकों के पद हैं। इसमें 11709 पदों पर शिक्षक नियुक्त हैं। वहीं 6115 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसी िस्थति में सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही कई अन्य कारण भी हैं जिससे अभिभावक सरकारी स्कूलों में अपने लाडले के दाखिला करवाने से बच रहे हैं।
अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों से निराशा
राज्य सरकार की ओर से बड़ी संख्या में राजकीय हिन्दी माध्यम स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में परिवर्तित किया जा रहा है। शुरुआत में अभिभावकों ने दिलचस्पी दिखाई और बच्चों को निजी स्कूलों से निकाल कर राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में दाखिला दिलवाया। लेकिन, गुणात्मक शिक्षा एवं शिक्षकों की कमी के कारण अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से भी अभिभावकों का मोह भंग हो रहा है।
वर्जन-

जिले में कोरोना काल के समय विद्यार्थियों का सरकारी स्कूल में आगमन हुआ, लेकिन जैसे की कोरोना का समापन हुआ तो अभिभावकों ने दोबारा से बच्चों को निजी स्कूल में भेजा शुरू कर दिया। साथ ही नामांकन पोर्टल शाला दर्पण में समस्या आने के कारण विद्यार्थियों का नामांकन ऑनलाइन नहीं हुआ।

- रामेश्वर दयाल मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी

ये है तीन सत्रों का दाखिला रेकॉर्ड
सत्र छात्र छात्रा नामांकन
2023 178538 212471 391013

2022 197398 225880 423279
2021 195014 221798 416822

जिलाें के नामांकन में ये रही कमी

जिला सत्र 2022-23 सत्र 2021-22 कमी

अलवर 391013 423279 32266

अजमेर 325456 347604 22148

बांसवाड़ा 383745 394404 10659
बारां 168145 180821 12676

बाड़मेर 568158 586111 17953

भरतपुर 272748 300505 27757

भीलवाड़ा 377892 396521 18629

बीकानेर 288812 314366 25554

बूंदी 166075 181201 15126

चित्तौडग़ढ़ 204650 219959 15309

चूरू 221902 244844 22942

दौसा 182603 206609 24006

धौलपुर 201465 216177 14712

डूंगरपुर 301338 311855 10517

गंगानगर 201695 215324 13629

हनुमानगढ़ 172961 187507 14546

जयपुर 450712 488873 38161

जैसलमेर 131857 136707 4850

जालौर 284779 300900 16121

झालावाड़ 204362 218530 14168

झुंझुनूं 137657 153462 15805

जोधपुर 425400 452071 26671

करौली 171800 191709 19909

कोटा 159543 170146 10603

नागौर 354845 380709 25864

पाली 262170 280018 17848

प्रतापगढ़ 182529 189703 7174

राजसमंद 199788 207221 7433

स.माधोपुर 155509 164347 8838

सीकर 221960 245669 23709

सिरोही 167069 175635 8566

टोंक 161772 178551 16779

उदयपुर 535257 550879 15622