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शिक्षक लगाना भूल गई सरकार

अलवर जिले में बच्चों को उनके घर के समीप पढ़ने की सुविधा मिल सके, सरकार ने इसके लिए स्कूल क्रमोन्नत कर दिए, लेकिन इन विद्यालयों में नौनिहालों का भविष्य संवर सके, इसके लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक लगाना भूल गई।
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अलवर

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Dharmendra Adlakha

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Updated: 10 Sep 2022, 9:00 PM IST

शिक्षक लगाना भूल गई सरकार

शिक्षक लगाना भूल गई सरकार

स्कूल में शिक्षक पर्याप्त नहीं, नौनिहालों का भविष्य संवारने का दावा

- कहीं स्कूलों में भवन पर्याप्त नहीं, कहीं शिक्षकों की कमी-अलवर जिले के विद्याथीZ हो रहे परेशान

अलवर जिले में बच्चों को उनके घर के समीप पढ़ने की सुविधा मिल सके, सरकार ने इसके लिए स्कूल क्रमोन्नत कर दिए, लेकिन इन विद्यालयों में नौनिहालों का भविष्य संवर सके, इसके लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक लगाना भूल गई।अलवर जिले में 179 सैकेंडरी स्कूलों को कक्षा बारहवीं तक सीनियर सैकंडरी स्कूल में क्रमोन्नत किया गया, लेकिन उनमें अभी तक व्याख्याता तक नहीं लगे। हालात यह है कि कई जगह तो पांच या 6 शिक्षक ही 12 वीं तक की सभी कक्षाओं को पढ़ा रहे हैं।

3828 स्कूलों को किया गया क्रमोन्नतप्रदेश के 3828 सैकेंडरी स्कूलों को सीनियर सैकेंडरी में क्रमोन्नत किया गया था। इनमें 395 बालिका मिडिल से सीधे सीनियर सैकेंडरी में क्रमोन्नत स्कूलें भी शामिल हैं। प्रदेश में कुल 15 हजार 687 स्कूलों में 11 हजार 484 व्याख्याता और 3 हजार 828 प्राचार्यों के पदस्थापन होने शेष हैं। पिछले दो साल से सभी संवर्गों की पदोन्नति प्रक्रिया रूकी हुई है।

अलवर जिले में हालात-अलवर जिले के क्रमोन्नत सरकारी स्कूलों में अभी तक पदों की वित्तीय स्वीकृति तक जारी नहीं की गई है। कई विद्यालयों के हालात तो बहुत खराब हो गए हैं। इन विद्यालयों को कुछ समय पहले ही मिडिल से सैकेंडरी कर दिया लेकिन अब इन्हें सीनियर सैकेंडरी में क्रमोन्नत कर दिया गया है। ऐसे में इन विद्यसलयों के पास न तो इतने संसाधन हैं और न ही पर्याप्त स्टाॅफ।

इन विद्यालयों में बहुत हालात खराब-अलवर जिले के बालेटा गर्ल्स, बंदीपुरा, नादनहेड़ी, ढाकपुरी गर्ल्स, अलवर शहर में सोनावा, दीवानजी का बाग और ऐसे शिवाजी पार्क गर्ल्स जैसे बहुत से विद्यालय हैं जिनमें शिक्षकों की कमी के हालात बने हुए हैं।

शिक्षा मंत्री प्रभारी, फिर भी यह काम भारी-अलवर जिले के प्रभारी मंत्री बीडी कल्ला शिक्षा मंत्री है। इसके बावजूद अलवर जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। इसका खमियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।

यह सरकार का निर्णय-अलवर जिले के क्रमोन्नत किए गए विद्यालयों को व्याख्याता शीघ्र ही मिल जाएंगे। यह काम सरकार के स्तर का है जिसके लिए हम निरंतर संपर्क में हैं।

- मनोज शर्मा, एडीपीसी, समग्री शिक्षा अभियान व कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, अलवर।