
मौसमी बीमारियों का असर...डेंगू का सताने लगा डर
अलवर जिले में 170 से ज्यादा डेंगू के मामले आए, प्रदेश में आंकड़ा पहुंचा 3624 तक
अलवर. मौसम में इन दिनों हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश के चलते मच्छर पनपने और प्रशासन की ओर से अब तक मच्छरों को खत्म करने के लिए फोङ्क्षगग व अन्य प्रभावी उपाय नहीं कर पाने से जिले में लोगों को डेंगू का डंक सताने लगा है। वहीं वायरल बुखार लोगों को जकडऩे लगा है। अब तक जिले में डेंगू के 170 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। वहीं प्रदेश में डेंगू पॉजिटिव की संख्या 3600 को पार कर गई है।
जिले में डेंगू तेजी से पांव पसारने लगा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में बुखार पीडि़त लोग पहुंच रहे हैं, इनकी जांच रिपोर्ट कई बार पॉजिटिव नहीं आने के बाद भी प्लेटलेट््स कम होना एवं डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं। चिकित्सक ऐसे रोगियों का डेंगू की दवा से इलाज कर रहे हैं। अक्टूबर माह तक डेंगू का प्रभाव रहता है।
अलवर छठे पायदान पर
जयपुर में 724, कोटा में 530, हनुमानगढ़ में 233, झुंझुनू में 212, उदयपुर में 202, अलवर में 170, दौसा में 136, श्रीगंगानगर में 133, सीकर में 133, डूंगरपुर में 116, टोंक में 115, बाड़मेर में 111, करौली में 101, अजमेर में 87, भरतपुर में 80, बीकानेर में 74, राजसमंद में 65, सवाई माधोपुर में 56, पाली में 53, जोधपुर में 50, धौलपुर में 44, चित्तौडगढ़़ में 42, नागौर में 31, प्रतापगढ़ में 21, बारां में 20, चूरू में 19, बूंदी में 18, भीलवाड़ा में 17, झालावाड़ में 15, बांसवाड़ा में 5,जैसलमेर में 5, जालौर में 3, सिरोही में 3 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं।
डेंगू का डी-2 वैरियंट अभी नहीं
निजी अस्पताल एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे डॉ. केके शर्मा का कहना है कि अलवर सहित प्रदेश में अभी डेंगू का डी-2 वैरियंट डिटेक्ट नहीं हुआ है, लेकिन बड़े शहरों से अलवर की कनेक्टिविटी को देखते हुए इसके आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। डेंगू के चार वैरियंट हैं, इनमें अलवर जिले में ज्यादातर डी-3 के मामले आते हैं, जो इलाज से ठीक हो जाते हैं। लेकिन डी-2 वैरियंट खतरनाक है।
निजी अस्पताल एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे डॉ. केके शर्मा का कहना है कि अलवर सहित प्रदेश में अभी डेंगू का डी-2 वैरियंट डिटेक्ट नहीं हुआ है, लेकिन बड़े शहरों से अलवर की कनेक्टिविटी को देखते हुए इसके आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। डेंगू के चार वैरियंट हैं, इनमें अलवर जिले में ज्यादातर डी-3 के मामले आते हैं, जो इलाज से ठीक हो जाते हैं। लेकिन डी-2 वैरियंट खतरनाक है।
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
रविवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 1602 व आईपीडी 179 मरीजों की रही। इसके अगले दिन सोमवार को जिला अस्पताल में 3020 मरीज उपचार के लिए आए। इसके साथ ही भर्ती मरीजों की संख्या 185 रही। इसमें से अधिकांश रोगी बुखार से पीडि़त थे।
सामान्य की जांच लैब में प्रतिदिन करीब 45 से 50 मरीजों की डेंगू की जांच की जा रही है। इसमें हर सप्ताह करीब 16 से 17 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं। इसी तरह 25 से 30 मरीजों की प्रतिदिन स्क्रबटाइफस की जांच की जा रही है। इसमें से हर सप्ताह करीब 12 से 13 मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे रोगी भी अस्पताल आ रहे हैं, जो डेंगू जैसे बुखार से पीडि़त हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। फिलहाल सामान्य अस्पताल में डेंगू के 7 रोगी भर्ती है।
इनका कहना
सामान्य अस्पताल की ओपीडी में आ रहे मरीजों में बुखार व गले की खराश से पीडि़तों की संख्या सबसे अधिक है। इसके साथ ही मच्छर जनित बीमारियों के मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बचाव के लिए सावधानी जरूरी है।
-डॉ. विजय चौधरी, डिप्टी कंट्रोलर, सामान्य अस्पताल।
Published on:
12 Sept 2023 08:22 pm
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