
पुलिस जीप। फाइल फोटो- पत्रिका
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में एक सरकारी विद्यालय के अध्यापक ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार अध्यापक बड्डनराम ने एक पत्र लिखकर छोड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद स्कूल प्रशासन उनसे जबरन काम करा रहा था।
इस संबंध में उन्होंने जिला अधिकारी तक अपनी फरियाद पहुंचाई, लेकिन स्कूल प्रशासन और जिला अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी। परेशान होकर उन्होंने अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। निर्भयपुरा गांव के बड्डनराम डेहला वास के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत थे और इसी जून में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
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उनके भतीजे सुरेंद्र ने बताया कि स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से उन पर काम को लेकर दबाव डाला जा रहा था। खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने सेवानिवृत्ति से पहले अपना कार्यभार किसी अन्य अध्यापक को सौंपने के लिए कई बार संस्था प्रधान को लिखित में प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि वह काफी दिनों से परेशान थे और कई दिनों से उन्होंने खाना भी छोड़ दिया था। रविवार अपराह्न करीब तीन बजे उन्होंने अकेले में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
Updated on:
08 Feb 2026 09:50 pm
Published on:
08 Feb 2026 09:50 pm
