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अतिक्रमण हटाने वाले दोनों दफ्तरों के सामने ही है अतिक्रमण, शहर की कैसे सुधरेगी व्यवस्था

अलवर नगर परिषद व यूआईटी के सामने ही अतिक्रमण की समस्या है, तो शहर में और जगह कार्रवाई की क्या उम्मीद की जा सकती है?

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अलवर

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Prem Pathak

Jun 23, 2018

Encroachment in front of Alwar Nagar Parishad and UIT

अतिक्रमण हटाने वाले दोनों दफ्तरों के सामने ही है अतिक्रमण, शहर की कैसे सुधरेगी व्यवस्था

शहर में एक सप्ताह में 30 से अधिक अतिक्रमण की शिकायतें मिलने के बावजूद पांच प्रतिशत भी अतिक्रमण नहीं हटाए जाते हैं। यूआईटी में एक सप्ताह में 10 से 15 शिकायत आती हैं वहीं नगर परिषद में एक सप्ताह में 15 से 20 शिकायतें प्राप्त होती हैं। इनमें से मुश्किल से सप्ताह में औसतन दो से चार शिकायतों पर कार्रवाई हो पाती है। बाकी अधिकतर अतिक्रमण नीचे ही नीचे दब जाते हैं या फिर अतिक्रमी दिखावे के लिए कुछ दिन खुद हटा लेता है। अतिक्रमण से जनता को राहत नहीं मिल पाती है।

अधिकारी मानते हैं 25 प्रतिशत में कार्रवाई

यूआईटी व नगर परिषद के अधिकारी मानते हैं कि 100 में से 50 प्रतिशत अतिक्रमण तो स्वत: ही हटा लिए जाते हैं। 25 प्रतिशत मौके पर पहुंचकर हटवाए जाते हैं। शेष 25 प्रतिशत अतिक्रमण के मामलों की पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद कार्रवाई की जाती है। हकीकत यह है कि 5 प्रतिशत में भी कार्रवाई नहीं होती है।

फाइलों में उलझते हैं मामले

अतिक्रमण की शिकायत आने के बाद सम्बंधित जेईएन को रिपोर्ट दी जाती है। वे मौका देखते हैं। फिर प्लानिंग से रिकॉर्ड जांच होता है। उसके बाद लीगल शाखा में भी फाइल जाती है। यह प्रक्रिया लम्बी हो जाती है। अतिक्रमण निरोधक शाखा के अधिकारियों का कहना होता है कि वे प्रत्येक शिकायत की तुरंत जांच कराते हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है।

दोनों दफ्तरों के सामने अतिक्रमण

यूआईटी व नगर परिषद दोनों कार्यालयों के सामने ही अतिक्रमण है जिनके पास पूरे शहर के अतिक्रमण की शिकातयें आती हैं। उन कार्यालयों के अधिकारी खुद अतिक्रमण को रोजाना देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। अन्य जगह से आने वाली शिकायतों का कितना समाधान होता है इससे अनुमान लगाया जा सकता है।

हर सप्ताह करीब 12 से 15 शिकायत प्राप्त होती है। सबके नोटिस जारी होते हैं। आधे से अधिक नोटिस के बाद हटा लेते हैं। शेष 25 प्रतिशत में कार्रवाई की नौबत आती है। जो की जाती है।
प्रमोद शर्मा, अतिक्रमण निरोधक अधिकारी, यूआईटी

नगर परिषद में 10 से 15 शिकायत आ जाती हैं। स्थाई अतिक्रमण की शिकायत निर्माण शाखा में भिजवाते हैं। अस्थाई का जल्दी समाधान करते हैं।
अशोक मिश्रा, सहायक प्रभारी, अतिक्रमण निरोधक शाखा।