
मशहूर गायक बुंदु खान के गायन से मंत्रमुग्ध हुए अलवर वासी, राजस्थानी गीतों ने मोह लिया मन
अलवर. राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी बुंदु खान लंगा तथा समूह ने स्पिकमैके की विरासत शृंखला के अंतर्गत आईई टी कॉलेज में अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया।
यहां बुंदु खान लंगा, स्पिक मैके की समन्वयक डॉ रचना आसोपा , कॉलेज निदेशक डॉ मंजू अग्रवाल व प्राचार्य अनिल कुमार शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीपक प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
लंग़ा समूह ने गणेश वंदना के माध्यम से ईश्वर को याद किया। इसमें झिलमिल बरसे मेघ ..साहिब जी झिलमिल बरसे मेघ की प्रस्तुति ने सब का मन मोह लिया। यहां हबीब खान के मोरचंग , सोनू की करताल तथा पंकज और असलम की ढोलक पर जुगलबंदी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया । कार्यक्रम में लरली लूमा झूमा रे म्हारो बोरबंद नखऱालो के बेहतरीन गीत पर अमिया के कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति ने ऐसा समां बाँधा कि युवा पीढ़ी की फऱमाइशों का अंबार लग गया ।दमादम मस्त क़लंदर, छाप तिलक सब छीन ली रे मोसे नैना मिलाय के, गोरी गोरी बैयों पे हरी हरी चूडय़िाँ जैसे लोक गीत को सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
लुक छुप ना जाओ जी ....म्हाने दीद कराओ जी, अंजण की सीटी में म्हारो मन डोले लोक गीत पर कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति से कार्यक्रम का समापन हुआ और श्रोताओं ने जमकर तालियाँ बजाई। हारमोनियम व गायन पर सिकंदर ने संगत की । स्पिकमैके सदस्य तनवी मनचंदा तथा विकास मील का विशेष सहयोग रहा।मंच संचालन अरूणा बंसल व प्रांजल ने किया।
Published on:
31 Oct 2018 12:37 pm
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