7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

‘मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन’ से बीड़ा हो रहा कंगाल, सोसायटी बिल्डर के मौजां ही मौजां!

निजी सोसायटी की सीवरेज लाइन को अवैध रूप से जोड़ा, बीडा एसटीपी में हो रहा शोधन। एसटीपी संचालन पर बीडा के प्रति माह हो रहे पांच लाख व्यय, कई वर्ष पूर्व निर्मित सोसायटी में नहीं है एसटीपी।

3 min read
Google source verification
सीवरेज लाइन

भिवाड़ी. निजी सोसायटी का प्रवेश गेट।

भिवाड़ी. ‘मुफ्त का चंदन, घिर मेरे नंदन’ यह लोकोक्ति औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में बीडा के साथ सिद्ध हो रही है। जिससे बीडा प्रति माह लाखों रुपए व्यय कर कंगाल होता जा रहा है, वहीं एक निजी सोसायटी बिल्डर के मौजां ही मौजां हो रही है। आश्चर्य तो यह है कि यह अनदेखी एक-दो सप्ताह, महीना या वर्ष से न होकर लंबे समय से हो रही है। बावजूद बीडा के अधिकारी नींद में सोए हुए है।


मामला यह है कि अरावली विहार सेक्टर तीन में निजी बिल्डर की ओर से बिना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के करीब 400 भवन (जी-2) का निर्माण करा दिया। कई साल पहले यहां रेजीडेंट भी आकर बस गए, लेकिन अभी तक यहां एसटीपी का निर्माण नहीं हुआ है। इससे भी बढक़र निजी बिल्डर ने यहां की सीवरेज लाइन को करीब 100 मीटर दूर से गुजर रही आवासन मंडल की लाइन से अवैध रूप से जोड़ दिया। इधर एसटीपी संचालन पर बीडा को प्रति माह पांच लाख रुपए व्यय करने पड़ रहे है। आरोप है कि निजी बिल्डर ने भवन बेचकर मुनाफा तो खूब कमाया, लेकिन जरूरत के संसाधन विकसित नहीं किए। जिन कामों की जरूरत थी, वे भी सरकारी विभागों के सिर ही पटक दिए। कई सालों से बिना किसी रख-रखाव के आवासन मंडल की सीवरेज लाइन का उपयोग हो रहा है। यह लाइन बीडा के वसुंधरा नगर स्थित एसटीपी पर आती है और यहीं पर पानी का शोधन होता है। बीडा की ओर से सीवरेज के पानी शोधन पर हर माह पांच लाख रुपए खर्च किए जाते है, जबकि इसका नि:शुल्क उपयोग निजी बिल्डर्स की ओर से किया जा रहा है। कई अधिकारियों को भी अवैध रूप से बिछाई गई सीवरेज लाइन की जानकारी है, लेकिन उन्होंने भी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की। अरावली विहार सेक्टर तीन स्थित राजश्री रॉयल रेजीडेंसी में करीब 400 मकान हैं। सोसायटी के गेट पर ही एसटीपी के लिए जगह छोड़ी हुई है, लेकिन निर्माण अभी तक नहीं हुआ। कई वर्ष पूर्व बसी सोसायटी की सीवरेज लाइन का पानी अवैध रूप से आवासन मंडल की लाइन के जरिए वसुंधरा नगर स्थित एसटीपी में छोड़ा जा रहा है।


कई वर्ष से हो रही अच्छी बचत
अगर मामले की सही प्रकार से जांच हों तो निजी बिल्डर से लाखों रुपए की वसूली हो सकती है। क्योंकि बीडा की ओर से एसटीपी के संचालन पर हर महीने लाखों रुपए खर्च किए जा रहे है, जबकि बिल्डर की ओर से 400 घरों की सीवरेज का उपयोग करने के लिए अवैध रूप से नि:शुल्क सेवा ली जा रही है। तकनीक विशेषज्ञों के अनुसार 400 घरों की सोसायटी के लिए 200 केएलडी क्षमता के एसटीपी की जरूरत होती है। जिसके निर्माण में करीब 25 लाख की लागत आती है। साथ ही एक लाख रुपए प्रति माह रख-रखाव पर खर्च करना पड़ेगा। निजी बिल्डर की ओर से निर्माण लागत और हर महीने के रख-रखाव को बचाकर मोटी बचत की जा रही है। इधर सोसायटी की सीवरेज को कई वर्षों से शोधित करने में बीडा ने काफी राशि व्यय कर दी है। अब देखना यह है कि इस तरह का मामला सामने आने पर बीडा की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। अगर सख्ती की जाए तो काफी रिकवरी हो सकती है। साथ ही निजी सोसायटी की ओर से मुख्य गेट से करीब 100 मीटर दूर तक सडक़ के नीचे खुदाई कर लाइन बिछाई गई है। लाइन बिछाते समय संबंधित विभाग से अनुमति ली गई या फिर अवैध रूप से बिछाई लाइन को बिछाने में तरीके भी वही अपनाए गए, इसे लेकर भी संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकते हैं।


नहीं दिया जवाब
जब इस संबंध में संबंधित सोसायटी के मार्केटिंग एंड सेल्स ऑफिस में कॉल कर संपर्क किया गया तो बताया गया कि अभी एसटीपी शुरू नहीं हुई है। इस बारे में जानकारी लेने का अधिकार बीडा का है, अगर कोई शिकायत है तो बताओ। हमने सोसायटी में क्या किया है, इस बारे में आप कैसे पूछ सकते है? साथ ही अपना नाम, पदनाम बताने से भी इनकार कर दिया।
एक अन्य सोसायटी ने भी जोड़ रखी है अवैध लाइन

उक्त सोसायटी के बराबर स्थित एक अन्य सोसायटी ने भी सीवरेज की लाइन को एमपी-एलएलए आवास की तरफ अवैध रूप से जोड़ रखा है। पहले यह लाइन जमीन की ऊपरी सतह पर थी। आवासन मंडल की ओर से कार्रवाई करने के बाद इसे जमीन में करीब पांच फीट गहराई में बिछवा दी गई, लेकिन मंडल की ओर से यहां पर आगे के चैंबर को ब्लॉक करा दिया। जिससे निजी सोसायटी की ओर से नियमित रूप से पानी तो नहीं छोड़ा जाता, लेकिन बारिश के दौरान छोड़ दिया जाता है। जिससे ओवरफ्लो होकर सडक़ पर बहता रहता है और सडक़ क्षतिग्रस्त हो जाती है। सीईओ, बीडा, भिवाड़ी रोहिताश्वसिंह तोमर ने बताया कि अगर किसी सोसायटी की सीवरेज लाइन अवैध रूप से बीडा के एसटीपी तक पहुंच रही है तो उसे खुदवा कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। बिल्डर ने वहां पजेशन देने के बाद भी अगर एसटीपी का निर्माण और संचालन नहीं किया है तो इसे लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।