अलवर जिले के राजगढ, मालाखेडा, टहला क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसानों के ऊपर मुसीबत आ गई। करीब साढे तीन बजे ओलो की बरसात शुरू हो जो करीब आधा घंटे तक चली। इससे यहां पर ठंड बढ़ गई। गांव में घरों के बाहर व छतों पर ओलो की परत जमा हो गई और खेतों में भी ओलो की चादर बिछ गई। ओलों की बरसात इतनी अधिक थी कि खेतों में खड़ी पुरी तरह से खराब हो गई। इससे किसानों के चेहरे पर परेशानी की लकीरें नजर आई। राजगढ के तालाब निवासी किसान रिंकू मीना ने बताया कि ओलों की बरसात इतनी अधिक थी कि घर के बाहर एक फीट तक ओले ही नजर आए। इनको फावडे की सहायता से उठाया गया। इस दौरान लोगों ने ओलो की बरसात के फोटो और वीडियो भी बनाए। बच्चे जहां ओलो की बरसात को देखकर उत्साहित थे वहीं ग्रामीण फसल खराब होने से परेशान नजर आए। किसानों ने बताया कि खेतों में खड़ी सारी फसल खराब हो चुकी हैं। आए दिन मौसम खराब होने से फसल नहीं कट पा रही थी, अब बरसात के बाद फसल पूरी तरह खराब हो गई है।
इधर, शहर में भी पिछले एक सप्ताह से दोपहर बाद अचानक से बारिश का दौर शुरू हो जाता है। इससे दोपहर बाद ठंड और बढ़ जाती हैं। बारिश से आम आदमी की दिनचर्या प्रभावित हो रही हैं। शुक्रवार को मौसम खुला तो लोगों ने घर के जरूरी काम निपटाए। अधिकतम तापमान- 29.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 15.5डिग्री सेल्सियस रहा।