
राजवीर गुर्जर। फाइल फोटो- पत्रिका
अलवर। बहरोड़ थाने पर फायरिंग कर कुख्यात गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को लॉकअप से छुड़ाने के मामले में आरोपी राजवीर गुर्जर को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए राजवीर की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
राजवीर गुर्जर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुलदीप यादव ने बताया कि कोर्ट ने तथ्यात्मक परिस्थितियों और सह-अभियुक्तों को मिली राहत को ध्यान में रखते हुए उसे 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान की है। राजवीर पर पपला गुर्जर को छुड़ाने की साजिश रचने और हथियारों की आपूर्ति जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
यह मामला 6 सितंबर 2019 की रात का है, जब बहरोड़ पुलिस ने एक वाहन को रोककर तलाशी ली थी। वाहन से 32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए थे और एक युवक को हिरासत में लिया गया। बाद में उसकी पहचान हरियाणा निवासी गैंगस्टर विक्रम गुर्जर उर्फ पपला के रूप में हुई। इस दौरान उसके साथी हथियार लेकर मौके से फरार हो गए थे, जिनमें राजवीर गुर्जर भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना के बाद राजवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई और अगले दिन सुबह करीब 7 बजे बहरोड़ थाने पर अंधाधुंध फायरिंग कर पपला गुर्जर को लॉकअप से छुड़ा लिया।
करीब डेढ़ साल बाद 28 जनवरी 2021 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में पुलिस ने पपला गुर्जर को उसकी महिला मित्र के साथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान पपला ने भागने के प्रयास में तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि थाने से पपला को छुड़ाने की पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार राजवीर गुर्जर था। इसके बाद उसकी तलाश में पुलिस ने कई राज्यों में दबिश दी। आखिरकार 20 मई 2025 को एक लाख रुपए के इनामी राजवीर को हरियाणा के धारूहेड़ा से गिरफ्तार किया गया।
Updated on:
01 Feb 2026 04:10 pm
Published on:
01 Feb 2026 04:10 pm
