
अलवर.
मेवात में अपराध की कमर तोड़ने के लिए पुलिस सख्त रवैया अपनाए हुए है। अपराधियों की तेजी से धरपकड़ की जा रही है तथा उनके घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। इन अपराधियों को मेवात में अंदरखाते फंडिंग शुरू हो गई है। फंडिंग की सूचना पुलिस के पास भी आ चुकी है। पुलिस ने फंडिंग करने वालों को गोपनीय रूप से चिन्हित करना शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस के अफसर इस बारे में अभी खुलकर बताने से बच रहे हैं।
एनईबी थाना पुलिस ने 22 जून को हिस्ट्रीशीटर फिरोज खान को गिरफ्तार करने के लिए मन्नाका गांव में दबिश दी थी। इस दौरान फिरोज और उसके परिवार के लोगों ने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया था और सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी थी। पुलिस पर हमले के बाद हिस्ट्रीशीटर फिरोज फरार हो गया। प्रकरण में पुलिस ने 41 नामजद लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया, लेकिन अभी तक दो महिलाओं सहित 9 आरोपी ही गिरफ्तार हो सके हैं तथा बाकी फरार हैं। पुलिस प्रशासन ने पिछले दिनों मन्नाका गांव में फिरोज समेत 10 आरोपियों के सरकारी जमीन बने मकानों पर बुलडोजर चला दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार मन्नाका व आसपास गांवों में हिस्ट्रीशीटर फिरोज खान के परिवार को गोपनीय रूप से फंडिंग चल रही है। चर्चा है कि कुछ लोगों ने उन्हें लाखों रुपए की फंडिंग कर चुके हैं। वहीं, मेवात क्षेत्र में भी यह भ्रामक मैसेज फैलाया जा रहा है कि इस परिवार के साथ पुलिस प्रशासन ने गलत किया है। उधर, पुलिस के एक बड़े अफसर का कहना है कि जो लोग अपराधी परिवारों को फंडिंग कर रहे हैं उनके बारे में गोपनीय रूप से पड़ताल की जा रही है। चिन्हित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मेवात में साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए अलवर और भरतपुर में पुलिस की ओर से ऑपरेशन एंटी वायरस चलाया जा रहा है। जिसके तहत साइबर ठगों की धरपकड़ की जा रही है तथा फ्रॉड की राशि से बनाए गए उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। भरतपुर जिले में आधा दर्जन से ज्यादा साइबर ठगों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है। अलवर में भी ऐसे साइबर ठगों को चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस इस बात पर भी कड़ी नजर रख रही है कि जिन साइबर ठगों के मकान तोड़े गए हैं उन्हें फिर से मजबूत करने के लिए अन्य अपराधियों की ओर से फंडिंग तो नहीं की जा रही।
Published on:
13 Jul 2024 12:06 pm

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