
राजस्थान में फिर सक्रिय होने वाला है पश्चिमी विक्षोभ (फोटो-पत्रिका)
Rajasthan Weather Update: खैरथल। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में क्षेत्र में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का पूर्वानुमान जारी किया है।
इसके प्रभाव से तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। लगातार बादल छाए रहने और मौसम में संभावित बदलाव को लेकर किसान एक बार फिर चिंतित नजर आ रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हल्की मावठ रबी फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन यदि तेज हवा और ओलावृष्टि होती है तो फसलों को भारी नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
वर्तमान में गेहूं और जौ की फसल बालियां निकलने की अवस्था में है। ऐसे में हल्की बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे दाना भराव बेहतर होगा और तापमान नियंत्रित रहने से फसल के असमय पकने की आशंका भी कम होगी। इससे किसानों को सिंचाई पर होने वाला खर्च भी घटेगा।
दूसरी ओर चना और सरसों की फसलों में इन दिनों फूल आने और फलियां बनने का दौर चल रहा है। खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहने से झुलसा और उकता जैसे रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
सरसों की फसल में बादल छाए रहने और अधिक नमी के कारण मोयला (एफिड) के प्रकोप की आशंका भी जताई जा रही है। कुछ इलाकों में सरसों पकाव अवस्था में पहुंच चुकी है, ऐसे में तेज हवा और बारिश से फसल के गिरने का जोखिम बना हुआ है।
जीरे की फसल के लिए भी मावठ के बाद लगातार बादल छाए रहने और अत्यधिक नमी को नुकसानदायक माना जा रहा है। खैरथल-तिजारा के उपनिदेशक उद्यान गोपाल लाल मीणा ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकास की समुचित व्यवस्था रखें और फसलों में रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई देते ही अनुशंसित फफूंदनाशी दवाओं का छिड़काव करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
Published on:
02 Feb 2026 06:20 pm

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