
कोटकासिम. सीता को अपने चंद्रहास से डराता रावण।
भिवाड़ी. पुलिस जिला भिवाड़ी में शारदीय नवरात्र में श्रद्धा की बयार बह रही है। दिन का समय हो या देर रात्रि तक। दुर्गा महोत्सव को लेकर कहीं पर जागरण तो कहीं पर रामलीला मंचन की धूम मची है। साथ ही पूजा-पाठ आदि के आयोजनों से वातावरण धर्ममय बना हुआ है। विशेषकर क्षेत्र के कोटकासिम कस्बे में दिन के समय रामलीला का मंचन किया जा रहा है। अन्य स्थानों पर रात के समय रामलीला का मंचन हो रहा है। इन आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
कोटकासिम कस्बे में दिन के समय दिखाई जा रामलीला में हनुमानजी समुद्र लांघकर लंका पहुंचने, माता सीता का पता लगाने, अशोक वाटिका को उजाड़ कर रावण के पुत्र का संहार करने, लंका में आग लगाने जैसे प्रसंगों का मंचन किया गया। जिससे श्रोता रोमांचित हो उठे।
रामलीला कमेटी के निदेशक प्रधानाध्यापक धर्मपाल सैनी ने बताया कि मंचन में जटाईयु की ओर से श्रीराम को सीता हरण की जानकारी देने, हनुमानजी के लंका की ओर कूच करने के बाद रावण के भाई विभीषण से मुलाकात कर अशोक वाटिका पहुंचने ओर वहां रावण की ओर से माता सीता को तरह-तरह से डराता-धमकाता देखने, रावण के जाने के बाद हनुमानजी माता सीता के सम्मुख आने और सीता माता को श्रीराम की ओर से दी हुई अंगूठी देकर उनका सेवक होने का विश्वास दिलाने, हनुमानजी अजर-अमर का वरदान पाने, माता सीता को ढांढ़स बंधाते हुए विश्वास दिलाते है कि श्रीराम कुछ समय बाद ही रावण के बंधन से मुक्त कराकर अपने साथ ले जाने, माता सीता की ओर से हनुमानजी को श्रीराम के लिए चूड़ामणी देने, हनुमानजी को भूख लगने पर माता सीता की आज्ञा लेकर फल खाने, अशोक वाटिका उजाडऩे की माली की बात सुनकर रावण के क्रोधित होने और अपने बेटे अक्षय कुमार को वानर को पकडऩे भेजने, हनुमानजी की ओर से अक्षय कुमार का संहार कर रावण को भारी आघात पहुंचाने, इन्द्रजीत के अशोक वाटिका में पहुंच हनुमानजी को बंदी बनाकर रावण के दरबार में पेश करने, हनुमानजी ने परिचय देते हुए सीता माता को लौटाने की बात कहने, रावण सभासदों की राय पर हनुमानजी की पूछ में आगे लगाने और हनुमानजी की ओर से पूरी लंका में आग लगा देने, इसके बाद हनुमानजी अपने दल-बल के साथ किशकिंधा नगरी पहुंच श्रीराम को सीता माता की चूड़ामणी भेंट करने, राम के व्याकुल हो उठने तक की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान राम के किरदार में विकास सैनी, हनुमानजी का गिरिश भारद्वाज, सुग्रीव का किरदार अपून कौशिक, अंगद का खुर्सीद अहमद खान, इन्द्रजीत का प्रशांत वशिष्ट, रावण का दिनेशचंद सैनी, अक्षयकुमार का मनोज जाट, विभीषण का प्रो. जितेन्द्र अग्रवाल ने बखूबी किरदार निभाया।
Published on:
02 Oct 2022 09:52 pm
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