अलवर. हरिया गैंग का आतंक अकेले हरियाणा में नहीं बल्कि उत्तरप्रदेश व अलवर जिले में भी था। हरिया व उसका खास सहयोगी अरुण गुर्जर तीनों राज्यों में आतंक का पर्याय बन गए थे। गैंग के सरगना हरिया के खिलाफ गाजियाबाद, बुलन्दशहर, गौतमबुद्ध नगर, फरीदाबाद सहित अलवर के भिवाड़ी व नीमराणा में लूट, रंगदारी, हत्या आदि के कुल 39 मामले दर्ज हैें। वहीं, इसके सहयोगी अरुण के खिलाफ भी विभिन्न थानों में हत्या, लूट, हत्या की कोशिश, रंगदारी आदि के करीब एक दर्जन मामले दर्ज थे। किसी भी राज्य में लूट करने के बाद हरिया व उसके साथी दूसरे राज्य में निकल जाते। इससे पुलिस चाहकर भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाती थी।