पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि अलवर में पांच बदमाशों के आने की सूचना मिली थी। इसमें तीन पंजाब व दो बदमाश भिवाड़ी के बताए गए। बदमाशों का दिल्ली जाने का पता चला। इस पर स्पेशल टीम इनके पीछे लग गई। बदमाश कार में सवार थे। किशनगढ़बास के खानपुर मेवान गांव के पास पुलिस की टीम को बदमाशों की गाड़ी नजर आई। पुलिस ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान एक बदमाश ने पुलिस को पहचान लिया व मिर्जापुर के पास गाड़ी कच्चे रास्ते पर उतार बदमाश पहाड़ पर चढ़ गए। उस दौरान गाड़ी में तीन लोग सवार थे। इसमें एक जीतू गुर्जर उर्फ सीटू, मोंटी सरदार उर्फ मोनी व एक उनका अन्य साथी था। तीनों के हाथ में हथियार थे। बदमाशों का स्पेशल टीम के कासम खान, उमर दीन, जान मोहम्मद, श्रीचंद ड्राइवर, रेवकी शर्मा व राजकुमार ने उनका पीछा किया। उसी दौरान पहाड़ पर पीछा करते समय उमर दीन की खुद की पिस्टल से गोली चल गई, जिसमें वह घायल हो गया। इस पर अन्य साथी उसे लेकर तुरंत अलवर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।