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इधर, अधिकारी रात को जलभराव रोकने के लिए करते रहे मंत्रणा, उधर स्कूल की दीवार तोड़ी

स्कूल परिसर में भरा गंदा पानी, प्रधानाचार्य ने की शिकायत  

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इधर, अधिकारी रात को जलभराव रोकने के लिए करते रहे मंत्रणा, उधर स्कूल की दीवार तोड़ी

इधर, अधिकारी रात को जलभराव रोकने के लिए करते रहे मंत्रणा, उधर स्कूल की दीवार तोड़ी

भिवाड़ी. रविवार रात पौने 12 बजे तक जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बीडा में बैठकर मंत्रणा करते रहे । इसी दौरान बायपास स्थित एमपीएस स्कूल की बाउंड्री को तोड़ दिया गया, जिससे सारा गंदा पानी स्कूल परिसर में घुस गया। स्कूल परिसर में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया। जिसकी वजह से स्कूल में आकस्मिक अवकाश करना पड़ा। स्कूल प्रशासन को सोमवार सुबह छह बजे इस संबंध में जानकारी मिली। वहीं दिनभर पुलिस प्रशासन भी इसकी जांच पड़ताल में लगा रहा है कि आखिर किसके द्वारा स्कूल परिसर की बाउंड्री तोड़ी गई लेकिन शाम तक इसकी पता नहीं चल सका।


बीडा कार्यालय के सामने इस तरह की घटना होना बड़ी बात है। स्कूल भिवाड़ी क्षेत्र में आता है। अधिकारी धारूहेड़ा नपा कीओर से रैंप निर्माण होने के बाद जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए मंथन में जुटे हुए हैं लेकिन फिलहाल कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। रविवार देर रात स्कूल परिसर की बाउंड्री टूट जाने के बाद जलभराव कुछ कम हुआ। बीडा कार्यालय के सामने की तरफ रोड का एक हिस्सा, भगत ङ्क्षसह कॉलोनी के दोनों मुख्य मार्ग पर सुबह सड$क साफ हो गई, लेकिन स्कूल परिसर की बाउंड्री दोबारा से निर्मित होने के बाद शाम तक जलभराव होने लगा। स्कूल की दीवार तोड़े जाने के बाद प्रधानाचार्य पीके साजू ने एसपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग रखी है।

हरियाणा ने रोका बहाव, हो रहा नुकसान
25 जुलाई से हरियाणा धारूहेड़ा नपा ने एनएच बॉर्डर पर रैंप बना दिया। पांच दिन पहले नाले को भी बंद कर दिया। शनिवार सुबह बारिश आई तो भिवाड़ी क्षेत्र और फैक्ट्रियों का गंदा पानी बायपास की तरफ आकर एकत्रित हो गया। आगे जल निकासी नहीं होने से जलभराव हो गया। प्रशासन ने मड पंप लगाकर पानी को सीवर चैंबर में डाला, जिससे कि एसटीपी से शोधित होकर थड़ा नाले में डाला जा सके। लेकिन यह प्रयास नाकाफी ही साबित हुए हैं। जलभराव की वजह से बायपास का मार्केट बुरी तरह प्रभावित रहा। मिष्ठान भंडार संचालक ओम बन्ना ने बताया कि हरियाली तीज को बारिश होने से बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं मेडिकल संचालक ने बताया कि दो दिन से दुकान बंद है। वहीं बैंक एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान में भी कामकाज प्रभावित हुआ।

तलाश रहे विकल्प
बीडा सीईओ श्वेता चौहान का कहना है कि जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए स्थायी, अस्थायी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। प्राकृतिक बहाव रोके जाने से दिक्कत हुई है। स्कूल की दीवार किसने तोड़ी, इस बारे में अभी पता नहीं चल सका है।