
अलवर जिले में कक्षा 12 वीं पास करने वाली 75 फीसदी बेटियों को सरकारी कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता है। अलवर जिले में बेटियों की शिक्षा का एकमात्र राजकीय कॉलेज गौरी देवी महाविद्यालय हैं जिसमें प्रवेश के लिए फस्र्ट डिवीजन पास बेटियों का भी प्रवेश नहीं हो पा रहा है।
40 लाख की आबादी वाले जिले में बेटियों की शिक्षा के लिए एकमात्र राजकीय कॉलेज हैं जिसमें प्रवेश के लिए जिले के सभी भागों से बेटियां प्रवेश के लिए आती हैं।
बीते 3 दशक में अलवर जिले में बेटियों की साक्षरता का प्रतिशत निरन्तर बढ़ रहा है। इसके बावजूद 5 दशकों से अलवर जिले में एकमात्र गौरी देवी महाविद्यालय ही हैं। यहां प्रवेश लेने वाली छात्राओं की मैरिट प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। अलवर जिले में इस वर्ष 20 हजार 385 बेटियों ने कक्षा बारहवीं पास की है।
अलवर जिले के एकमात्र कन्या महाविद्यालय में सभी संकायों में मिलाकर 1630 सीटें हैं। यहां प्रवेश नहीं होने के बाद छात्राएं गैर सरकारी कॉलेजों में प्रवेश लेती हैं। ग्रामीण परिवेश की बहुत सी छात्राएं यहां प्रवेश नहीं होने के कारण फीस का भार वहन नहीं कर सकती है जिसके चलते वे पढ़ाई छोड़ देेती हैं।
अलवर में दूसरा कन्या महाविद्यालय खोलने के लिए जनप्रतिनधियों के भी प्रयास नहीं हैं। इस बारे में एबीवीपी की छात्रा प्रमुख लता भोजवानी का कहना है कि जिले में एक और कन्या महाविद्यालय स्थापित किया जाना चाहिए।
यह है तथ्य
4104 बेटियां इस वर्ष विज्ञान संकाय में पास हुई
15620 बेटियां कला संकाय में हुई पास-
661 बेटियां वाणिज्य संकाय में उत्तीर्ण
जीडी कॉलेज में कुल सीटें
कला में 880
विज्ञान वर्ग में 350
वाणिज्य वर्ग में 400
जिले में संचालित सह शिक्षा वाले महाविद्यालय- 63
जिले में संचालित प्राइवेट कन्या महाविद्यालय-39
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
