21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हिंदी दिवस : हिंदी में गिनती तक नहीं जानते आजकल के बच्चे, अब बोलते हैं वन टू थ्री

https://www.patrika.com/alwar-news/

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Hiren Joshi

Sep 14, 2018

Hindi Diwas : Children Don't Know about hindi counting

हिंदी दिवस : हिंदी में गिनती तक नहीं जानते आजकल के बच्चे, अब आते हैं वन टू थ्री

गैर सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को हिंदी की गिनती तक नहीं आती है। इन विद्यार्थियों को हिन्दी की एक से 20 तक गिनती तक नहीं आती है। इस बारे में पत्रिका टीम ने अलवर शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों के विद्यार्थियों से बातचीत की तो इन विद्यार्थियों को हिन्दी की गिनती तक याद नहीं थी वे अंग्रेजी में ही गिनती ही बोल सकते थे।
पत्रिका टीम ने अलवर शहर के कई स्कूलों से हिन्दी में 29 और 49 बोला और उनसे यह जानकारी मांगी कि यह कितने हैं तो 55 विद्यार्थियों में से 3 विद्यार्थी ही इसे अंकों में बता सके। सभी विद्यार्थियों का कहना था कि हमें आप अंग्रेजी में बताइए कि ये कितने हैं। जब उनसे 29 और 49 अंग्रेजी में बोलकर बताया तो उन्होंने तत्काल इन्हें अंकों में सही बता दिया। इस बारे में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया इस प्रकार व्यक्त की।

अंग्रेजी में सुना देंगे

हमें हिंदी में गिनती नहीं आती है। आप अंग्रेजी में बोलकर बताएंगे तो हम सारे काउंटिंग सुना सकते हैं। हिंदी की गिनती को हम पूरा बोल नहीं सकते हैं। हम अंग्रेजी की काउंटिंग को ही याद रखते हैं।
- आलिया, कक्षा 3, अलवर।

ये 29 क्या होता है

आप अंग्रेजी में काउंटिंग बोल कर बताए कि ये कितने हैं। हम इस तरह की काउंटिंग नहीं जानते हैं। हमें कक्षा में भी इस तरह नहंी पढ़ाया जाता। हम हिन्दी को हिन्दी के पीरियड में ही जानते हैं।
-निखिल, कक्षा 8 अलवर।

हिन्दी की गिनती क्या होती है

हम हिन्दी की गिनती के बारे में नहीं जानते हैं। यह गिनती क्या होती है। हमें तो काउंटिंग के बारे में ही पता है। हम हिंदी में गिनती की बजाय काउंटिंग कही तक भी बोल सकते हैं।
- लक्ष्य, कक्षा 6 अलवर।

20 से अधिक गिनती नहीं आती है

मुझे 20 से अधिक हिन्दी की गिनती नहीं आती है। हमें हिन्दी की गिनती इससे अधिक बुलवाई नहीं जाती है और ना ही हमें सिखाई जाती है। हमें कोई सिखाएगा तो हम सीख जाएंगे।
-अक्षत शर्मा, कक्षा 6 अलवर।

हिन्दी से ज्यादा काम नहीं पड़ता

हिंदी से हमें अधिक काम नहीं पड़ता है। हमें स्कूल और कक्षा में बस अंग्रेजी ही बोलना सिखाया जाता है। हम हिन्दी को बहुत कम उपयोग में लेते हैं।
- दिव्यांशी, कक्षा 5 अलवर।

अंग्रेजी बोलना पसंद

हिंदी बोलने में अब हम कठिनाई अनुभव करते हैं। हम अंग्रेजी अधिक बोलते हैं। स्कूल में अधिक अंग्रेजी बोलना पसंद किया जाता है।
-अवनी, कक्षा 6 अलवर।