
Digital Holi : डिजिटल पिचकारी से भी खेली जा रही है होली, युवा अब इस नए तरीके से बिखेर रहे हैं होली के रंग
अलवर. सूचना क्रांति में त्योहारों का रंग भी उलट-पुलट हो गया है। होली के पर्व पर जितनी डिजीटल पिचकारी चल रही हैं उससे दस प्रतिशत भी असलियत में नहीं चलेंगी। गांव, कस्बे हो या शहर। सोशल मीडिया ने बराबर पैर पसार लिए हैं। जिसमें हर व्यक्ति का जीवन फंस चुका है। इसके कारण सामान्य दिनचर्या तो प्रभावित हो रही है बल्कि त्योहारों का रंग भी बदलता जा रहा है। होली जैसे बड़े त्योहार पर हर कोई असलियत में रंगों से भरी पिचकारी से खेलें या नहीं खेलें लेकिन, सोशल मीडिया पर पिचकारी भर कर अपनों पर खूब रंग बिखेर रहे हैं।
युवाओं में जबरदस्त क्रेज
मोबाइल पर सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे को फेसबुक, वाट्सएप, इस्टाग्राम व ट्विटर के जरिए होली की शुभकामनाएं दे रहे हैं। वीडियो व टैक्सट मैसेज की भरमार है। अब तो यह प्रतिस्पद्र्धा हो रही है कि किसका मैसेज दूसरों से बिल्कुल अलग हो। सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के भेजे मैसेज आपस में बार-बार आने से चिड़चिड़ापान भी आता है लेकिन, जिसका भी अलग हटकर मैसेज होता है तो उसे दूसरों को भेज देते हैं। ऐसे अवसरों पर मैसेज की भरमार होती है।
Published on:
21 Mar 2019 11:10 am
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