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शिकारियों के निशाने पर सरिस्का का यह इलाका, बाघों को है बड़ा खतरा

सरिस्का में पिछले दिनों बाघ की मौत के बाद सरिस्का प्रशासन चेता है। लेकिन सरिस्का का एक इलाका जो शिकारियों के निशाने पर है।

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अलवर

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Prem Pathak

Apr 16, 2018

HUNTING IN AREA OF SARISKA

सरिस्का बाघ परियोजना में इंदौक जंगल शिकारियों के निशाने पर हैं। यहीं गत 19 मार्च को बाघ एसटी-11 एवं जनवरी में सांभर का शिकार हुआ था। एक के बाद एक वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं के बाद अब सरिस्का प्रशासन इस जंगल में चौकसी के लिए चेता है।

सरिस्का में शिकारियों की दस्तक बढ़ती जा रही है। इसमें भी इंदौक जंगल सबसे ज्यादा संवेदनशील बन गया है। बाघ एसटी-11 की फंदे में फंसकर मौत होने के बाद शिकारियों की सबसे ज्यादा नजर इंदौक क्षेत्र पर है। इससे पहले भी जनवरी में यहां सांभर का शिकार हो चुका है। वहीं इस क्षेत्र में पूर्व में भी शिकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

बाघ के शिकार मामले में होगी पूछताछ

गत 19 मार्च को बाघ एसटी-11 के शिकार मामले में सरिस्का प्रशासन उन लोगों से पूछताछ करेगा, जिनका मुख्य आरोपित भगवान सहाय से बाघ की मौत के बाद सम्पर्क या संवाद हुआ था। ऐसे 6-7 लोगों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेजकर बाघ शिकार मामले में पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बाघ एसटी-11 की 19 मार्च की दोपहर में मौत हो गई थी और मुख्य आरोपित ने रात करीब 9 बजे सरिस्का प्रशासन को घटना की सूचना दी। इससे पहले मुख्य आरोपित का कई लोगों से सम्पर्क व संवाद हुआ था। ऐसे लोगों से बाघ शिकार मामले में अब तक पूछताछ नहीं हो पाई थी। इस कारण बाघ शिकार की सच्चाई अब तक पूरी तरह सामने नहीं आ पाई थी।

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दे रहे दबिश

इंदौक जंगल में गत जनवरी में सांभर के शिकार मामले में फरार चल रहे पांच आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सरिस्का प्रशासन की ओर से अब दबिश दी जा रही है। इस मामले में तीन आरोपितों को सरिस्का टीम ने पूर्व में टोपीदार बंदूक के साथ गिरफ्तार कर पुलिस को सौंप दिया था। बाद में इन तीन आरोपितों को सरिस्का प्रशासन ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तीनों आरोपित जेल में हैं। सांभर शिकार मामले में फरार चल रहे शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

अब मुखबिर तंत्र करेंगे मजबूत

शिकारियों के निशाने पर आए इंदौक जंगल में शिकार की घटनाओं पर रोक के लिए सरिस्का प्रशासन अब चेता है। यहां बाघ एसटी-11 व पूर्व में सांभर के शिकार मामले में कई स्थानीय लोगों की भागीदारी की पुष्टि होने के बाद अब यहां मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करने की कवायद शुरू की गई है। वहीं स्थानीय लोगों को शिकारियों की सूचना देने की समझाइश की जा रही है।