
अलवर. भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव का असर जिले के पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। ज्यादातर पर्यटकों ने होटलों में ऑनलाइन बुङ्क्षकग निरस्त करवा ली हैं। अलवर जिले में पिछले दो दिनों में 50 प्रतिशत बुङ्क्षकग निरस्त हो चुकी है। जो पर्यटक ठहरे हुए थे वो भी बिगड़ते हालात के चलते होटल छोडकऱ जा चुके हैं। पर्यटकों के बुङ्क्षकग निरस्त करवाने से होटल उद्योग के साथ टूर एंड ट्रेवल एजेंसी, टूरिस्ट गाइड, सफारी चालक सहित अन्य का काम भी प्रभावित हुआ है। जिले के सिलीसेढ़, बाला किला, अलवर म्यूजियम सहित कई पर्यटक स्थल हैं, जहां इस सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।
वैवाहिक समारोह पर भी पड़ेगा असर
पीपल पूर्णिमा का बड़ा सावा है, इस दिन बड़ी संख्या में शादियां होंगी। भारत-पाक तनातनी का इस पर भी असर पड़ेगा। अलवर के बाहर रहने वाले रिश्तेदार इन शादियों में शामिल होने के लिए शायद ही आ पाएं। खासकर दूसरे राज्यों में रहने वाले रिश्तेदारों के आने की संभावना कम है।
आरटीडीसी के होटल भी खाली
सिलीसेढ़ के मैनेजर उत्तम शर्मा ने बताया कि अब तक 50 प्रतिशत से ज्यादा बुङ्क्षकग कैंसिल हो गई है। दिन में भी पर्यटक नहीं आ रहे हैं। वोङ्क्षटग भी कम हो गई है। दिल्ली एनसीआर व चंडीगढ़ के पर्यटकों ने आज सुबह ही फोन पर बुङ्क्षकग निरस्त करवाई है।
भारत-पाक के बीच चल रही तनातनी के चलते पर्यटक नहीं आ रहे हैं। होटलों की आधी से ज्यादा बुङ्क्षकग कैंसिल हो गई है। पर्यटकों के नहीं आने से जो घाटा हो रहा है, उसे हम सह लेंगे, लेकिन कश्मीर में पर्यटकों को मारने जैसी घटनाओं को हम सहन नहीं करेंगे। ऑपरेशन ङ्क्षसदूर से होटल संचालक व पर्यटकों में भी खुशी है।
-मनीष भाटिया, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ सरिस्का
Published on:
10 May 2025 05:59 pm

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