मृत्यु भोज बंद करने का सर्वसम्मति से किया निर्णय
अलवर. राजगढ़ उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दुब्बी के अनावड़ा में शुक्रवार को संत बाबा रामदेव बाबा के मंदिर पर रामदास त्यागी की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय किया गया कि मृत्युभोज (नुक्ता कुप्रथा) में खर्च होने वाली राशि को गांव के विकास में लगाया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया गया।
सरपंच मुन्नी विनोद मीणा, हजारी मास्टर व प्रकाश भाबला दुब्बी ने बताया कि बैठक में गांव के विकास पर चर्चा की गई, जिसमें शिक्षा व चिकित्सा सुविधाओं पर जोर दिया गया। साथ में ग्रामवासियों ने सर्व समाज में वर्षों से चली आ रही मृत्यु भोज (नुक्ता कुप्रथा ) को रोकने का निर्णय किया गया। इसके बाद सभी ग्रामवासियों व पंच-पटेलों ने लिखित में प्रस्ताव लेकर निर्णय किया कि अनावड़ा में किसी भी समाज का कोई भी परिवार नुक्ता मृत्यु भोज नहीं करेगा। इस निर्णय का सभी गांव वासियों ने समर्थन किया।
..तो करेंगे मृत्युभोज का बहिष्कार
ग्रामवासियों के निर्णय का यदि कोई व्यक्ति उल्लंघन करेगा तो पहले उस परिवार को समझाया जाएगा। यदि उसके बाद भी नहीं मानेगा तो पूरा गांव मृत्यु भोज का बहिष्कार करेगा। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि राज्य सरकार के अधिनियम का पालन करेंगे और जो परिवार नहीं मानेगा। इसके लिए प्रशासन को सूचित कर कानूनी कार्रवाई कराएंगे।
यहां लगा सकते हैं पैसा...
बैठक में वक्ताओं ने कहा यदि नुक्ता में राशि खर्च होती हैं, उस राशि को भामाशाह के रूप में पूरे गांव के सामाजिक कार्य में लगा सकते हंै। शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों के लिए कमरा निर्माण, लाइब्रेरी, विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए कुर्सी टेबल आदि सामाजिक कार्य में पैसा लगा सकता है, जिसे वर्षों तक याद किया जाएगा। इस मौके पर सरपंच मुन्नी विनोद मीणा, पूर्व सरपंच बनेसिंह भाटी, रणजीत मेम्बर, कालूराम मेम्बर, मदन पटेल, हरनारायण पटेल, सुरज्या राम पटेल, छोटा लाल, रामस्वरूप पटेल, शिंभु राम, मनोहर मीणा, नेतराम सैन, लीलाराम प्रजापत, भागवत शर्मा, खेमचंद मेम्बर, बदरी राम, विक्रम सिंह भाटी, धामा मीना, लल्लूराम, ताराचन्द कोली मौजूद रहे।