
photo - Ai (patrika)
Census News : जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले फेज में फरवरी में प्रगणकों की नियुक्ति कर उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। संभवत: बीएलओ को ही यह काम सौंपा जाएगा। बीएलओ पहले हाउस होल्ड सर्वे करेंगे। 150 घरों पर एक कर्मचारी लगाया जाएगा। यह अप्रेल से सितंबर, 2026 के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद फरवरी, 2027 में डिजिटल जनगणना शुरू होगी। जनगणना विभाग ने प्रगणकों की सूची मांगी गई है।
अलवर में जिला कलक्टर और नगर निगम आयुक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है। आयुक्त शहर और कलक्टर को ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्राें में एसडीएम के जरिए चार्ज अधिकारी तहसीलदार की ओर से प्रगणकों की नियुक्ति की जाएगी। पिछली बार वर्ष 2011 में जनगणना की गई थी। उसके बाद 2021 में जनगणना की होथी, लेकिन कोरोना के कारण संभव नहीं हो पाया।
अब वर्ष 2027 की में जनगणना का काम शुरू होगा, जो दो चरणों में होगी। जिला, तहसील, राजस्व ग्राम, नगर, वार्ड की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनगणना के चलते एक जनवरी, 2026 से जनगणना पूरी होने तक नए जिले, तहसील, वार्ड नहीं बनेंगे और सीमाओं में बदलाव नहीं होगा। देश में 1931 के बाद पहली बार सभी जातियों की गणना की होगी, जिससे सामाजिक-आर्थिक डेटा मिलेगा और आरक्षण, प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
जनगणना में आमजन से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें नाम, मकान नम्बर जैसी सामान्य जानकारियों के अलावा इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं? मोबाइल स्मार्टफोन या कोई दूसरी डिवाइस यूज करते हैं? इस तरह के सवाल भी पूछे जाएंगे। साथ ही घर पर चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का या इसके अलावा कौनसा मुख्य अनाज खाते हैं यह भी पूछा जाएगा। इससे पहले 2011 की जनगणना में नागरिकों से 29 प्रकार की जानकारियां ली गई थीं।
अप्रेल-सितंबर 2026: मकानों की गिनती और हाउसलिस्टिंग (पहला चरण)
फरवरी 2027: जनसंख्या गणना (दूसरा चरण)
जनगणना डिजिटल माध्यम से होगी। इसमें स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरणों के जरिये जानकारी ली जाएगी। इसके लिए विशेष ऐप बनाए गए है, जो प्रगणकों व अन्य अधिकारियों के काम को आसान करेंगे।
Published on:
13 Jan 2026 11:39 am
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