
अलवर शहर में रविवार को होली से एक दिन पूर्व परंपरागत राजशाही नानकशाही सेठ-सेठानी का स्वांग बड़े उत्साह और धूमधाम से निकाला गया। मुख्य बाजार से गुजरते इस अनोखे स्वांग ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। रंग-बिरंगे परिधानों और हास्य-व्यंग्य से भरपूर प्रस्तुतियों ने काफी हंसाया।
स्वांग में सेठानी ऊंट पर सवार होकर शहर की रौनक निहारती नजर आईं, जबकि सेठजी अपने मुनीम के साथ हाथों में बही-खाते लेकर बाजार में व्यापारियों से हंसी-मजाक के अंदाज में हिसाब-किताब करते दिखे। उनके चुटीले संवाद और ठिठोली ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर कलाकारों का स्वागत किया।
यह पारंपरिक जुलूस काशीराम सर्किल से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से होता हुआ कंपनी बाग पहुंचा। वहां कार्यक्रम का समापन हुआ और स्वांग प्रस्तुत करने वाले कलाकारों का सम्मान किया गया। यह स्वांग पहल सेवा सस्थांन की ओर से निकाला गया है। होली के अवसर पर निकाला जाने वाला यह स्वांग सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है, जिसे देखने के लिए हर वर्ष शहरवासी उत्सुक रहते हैं।
Updated on:
01 Mar 2026 02:24 pm
Published on:
01 Mar 2026 02:22 pm
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