
(पत्रिका सांकेतिक फोटो)
अलवर विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या 2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने 16 वर्षीय किशोरी से गैंगरेप के मामले में एक अभियुक्त को कठोर आजीवन कारावास और 5.50 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। दूसरा अभियुक्त मामला दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा है। फैसले के दौरान न्यायाधीश समीर ने टिप्पणी करते हुए कहा - अभियुक्त ने पीड़िता से गैंगरेप व एक से अधिक बार बलात्कार किया है, जिससे सजा में नरमी नहीं बरती जा सकती। ऐसा करने पर समाज में गलत संदेश जाएगा।
न्यायालय की ओर से पीड़िता को प्रतिकर योजना के तहत 2 लाख रुपए प्रतिकर दिलाए जाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव से अनुशंषा की गई है। विशिष्ठ लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया की पीड़िता की मां ने 9 मार्च 2024 को जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र के थाने में मामला दर्ज कराया था।
जिसमें बताया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ नईम व मौसिम ने डरा-धमकाकर बलात्कार किया और उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद आरोपी उसकी बेटी को डरा-धमकाकर उसका देह शोषण करते रहे। जिससे वह गर्भवती हो गई। उसके 5 माह का गर्भ ठहरने पर उनको सारे घटनाक्रम का पता चला। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दी गई।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी नईम के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। जबकि दूसरे आरोपी मौसिम के फरार होने पर उसके खिलाफ 299 सीआरपीसी में चार्जशीट पेश की गई। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 17 गवाह और 24 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित कराए गए। जिनके आधार पर आरोपी नईम के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने उसे सजा सुनाई गई है।
Published on:
13 Jan 2026 11:58 am
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