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Gafruddin Mewati Jogi: जानिए कौन हैं राजस्थान के गफरुद्दीन मेवाती, जिन्हें मिलेगा पद्म पुरस्कार, बजाते हैं अनोखा वाद्ययंत्र ‘भपंग’

Gafruddin Mewati: जिस समय केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार में नाम की घोषणा की, उस समय भपंग के साथ गफरुद्दीन मेवाती अलवर के सूचना केंद्र में प्रस्तुति दे रहे थे।
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अलवर

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Santosh Trivedi

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Updated: 26 Jan 2026, 5:27 PM IST

Gafruddin Mewati

सूचना केंद्र में भपंग के साथ भजनों की प्रस्तुति देते गफरुद्दीन मेवाती। Photo- Patrika

Gafruddin Mewati: इसे संयोग ही कहेंगे कि जिस समय केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार में नाम की घोषणा की, उस समय भपंग के साथ गफरुद्दीन मेवाती अलवर के सूचना केंद्र में प्रस्तुति दे रहे थे। सूचना केंद्र में वंदेमातरम 150 स्मरणाेत्सव की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में मेवाती ने केंद्रीय वनमंत्री के समक्ष अपनी आकर्षक प्रस्तुति दी।

गफरुद्दीन मेवाती जोगी डीग जिले के मेवात अंचल के कामां विधानसभा क्षेत्र के गांव कैथवाड़ा के रहने वाले हैं। अभी वे अलवर आकर बस चुके हैं और मूंगस्का की टाइगर कॉलोनी में निवास कर रे हैं।

हिन्दुस्तान भर में उनके हुनर के दीवाने हैं तो सात समंदर पार भी उनकी कला के कद्रदान बहुतेरे हैं। विरासत में मिली इस कला को वह पीढ़ी दर पीढ़ी देना चाहते हैं, जिससे हमारे देश और जिले की कला को यूं ही मान-सम्मान मिलता रहे।

भजनों से करते हैं मंत्रमुग्ध

गफरुद्दीन मुख्य रूप से महादेवजी का ब्यावला, पांडुओं का कड़ा (महाभारत), ब्रज के लोक गीत एवं श्रीकृष्ण के भजन गाते हैं। अब फाल्गुनी बयार में वह होली के गीत भी सुना रहे हैं।

गफरुद्दीन पिछले कुछ सालों से बेटे शाहरुख के अलावा पोते दानिश जोगी वंदिल जोगी को भी इस कला की बारीकियां सिखा रहे हैं। गफरुद्दीन ने बताया कि उनके पिता बुद्ध सिंह इस कला में माहिर थे।

उनकी इस कला का सम्मान विदेशों तक हुआ। पिता से ही उन्होंने इस कला में महारथ हासिल की। गफरुद्दीन इस कला का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया, कनाड़ा, पेरिस, लंदन एवं अमेरिका में कर चुके हैं।

लोग बदल देते थे ब्याह की तारीख

गफरुद्दीन ने बताया कि पहले स्थानीय स्तर पर इस कला के कद्रदान बहुत थे। पहले ब्याह-शादियों में मनोरंजन के तौर पर इस कला का प्रदर्शन किया जाता था।

जब किसी परिवार में लड़के-लड़की की शादी तय हो जाती थी तो लोग हमारे पास आते थे। यदि हमारी उस तिथि को कहीं बुकिंग होती थी तो लोग अपने विवाह की तिथियां बदल देते थे, लेकिन आज युवा पीढ़ी सोशल मीडिया पर रमी नजर आती है।

पीएम से पा चुके सम्मान

गफरुद्दीन अपनी कला की बदौलत प्रधानमंत्री से सम्मान पा चुके हैं। गफरुद्दीन ने बताया कि महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ पर हुए कार्यक्रम में पीएमओ कार्यालय की ओर से उन्हें बुलाया गया था और उनका सम्मान किया गया था।

इस दौरान फिल्मी सितारों के रूप में कंगना रनौत, शाहरुख खान एवं आमिर खान आदि मौजूद रहे थे। गफरुद्दीन राज्य सरकार से भी सम्मान पा चुके हैं।