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सूजी व रिफाइंड तेल से बनाया जा रहा था कलाकंद, खाद्य सुरक्षा टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में किया नष्ट

त्यौहारी सीजन को देखते हुए नकली पदार्थांे की विशेष निगरानी के चलते मंगलवार सुबह खाद्य सुरक्षा की टीम ने नीमराणा में मिलावटी कलाकंद बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां से पूरे जिले में होटल, ढाबों पर नकली कलाकंद सप्लाई किया जाता है।

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अलवर

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mohit bawaliya

Oct 15, 2024

हाईवे पर होटल, ढाबों पर यात्रियों को अलवर का प्रसिद्ध कलाकंद बताकर बेचा जा रहा था

नीमराणा. खाद्य सुरक्षा की टीम ने नेशनल हाईवे पर स्थित होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर सूजी, रिफांइड तेल से निर्मित कलाकंद को लेकर फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में खराब एवं मिलावटी कलाकंद व मावा नष्ट करवाया है। इसके चलते हाईवे पर मिलावटी कलाकंद बेचने वालों में हडक़ंप मच गया।
कोटपूतली-बहरोड़ सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि नेशनल हाईवे पर स्थित होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर इन दिनों बड़ी मात्रा में खराब व मिलावटी कलाकंद जोकि सूजी व रिफाइंड तेल से बनाकर बेचा जा रहा है। इस पर खाद्य सुरक्षा की टीम नेशनल हाईवे के होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर पहुंची और मिलावटी कलाकंद की जांच की। जिसमें सूजी, रिफाइंड तेल सामने आया। जब होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर सप्लाई हो रहे मिलावटी कलाकंद को लेकर जानकारी ली गई तो सामने आया कि नीमराणा के जनकसिंहपुरा गांव में ही सहीराम पुत्र रामसिंह ने दिकशु एवं वंशु मिल्क एजेंसी के नाम से फैक्ट्री लगा रखी है। जहां से सूजी, रिफाइंड तेल से कलाकंद तैयार कर इसे बिक्री के लिए होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर भेजा जाता है। जिसकी कीमत करीब 150-160 रुपए प्रति किलो होती है। जबकि इसी कलाकंद को यहां पर रुकने वाली बसों की सवारियों को 450-500 रुपए प्रति किलो के भाव से अलवर का कलाकंद बताकर बेचा जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत यादव ने बताया कि जनकसिंहपुरा निवासी सहीराम की फैक्ट्री से टीम ने 50 किलो मिलावटी कलाकंद, 60 किलो दुर्गंधयुक्त मावा व सूजी नष्ट करवाने के साथ ही रिफाइंड तेल व सूजी के कट्टे जब्त किए है। वहीं टीम ने खाद्य सामग्री के सैम्पल लेकर इन्हें जांच के लिए भेजे है।

सवारियां खरीदती है कलाकंद
नेशनल हाईवे पर स्थित होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर रोजाना दिल्ली-जयपुर के बीच में सफर करने वाले सैकड़ों यात्री अलवर का दूध से निर्मित कलाकंद समझकर महंगे भाव में खरीद करते है। नेशनल हाईवे पर जगह-जगह स्थित होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर रोडवेज, निजी बसों के साथ ही छोटे वाहन चालक खाना खाने के लिए रूकते है। जहां पर मिलावटी कलाकंद को अलवर का दूध निर्मित कलाकंद बताकर बेचा जा रहा है।