
घर पर विलाप करती राहुल की मां। फोटो पत्रिका
बहरोड़ (अलवर)। कजाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे गांव नांगल खोड़िया निवासी राहुल यादव की सड़क दुर्घटना में मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। राहुल यादव 6 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ अल्माटी घूमने गए थे, जहां सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया।
तमाम प्रयासों के बावजूद 9 जनवरी को इलाज के दौरान राहुल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद शनिवार को उसका शव दिल्ली लाया गया। देर रात होने पर दूघेड़ा के पास हाइवे स्थित एक होटल के पास शव को रखा गया। राहुल की मौत की खबर जैसे ही गांव नांगल खोडिया पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया।
माता-पिता का इकलौता बेटा जाने से रो-रोकर बुरा हाल है और घर में कोहराम मचा गया। रविवार सुबह राहुल यादव का पार्थिव शरीर घर लाया गया। गांव में अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम नजर आई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
मृतक के मामा संदीप यादव ने आरोप लगाए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। जनप्रतिनिधियों ने न तो परिवार से संपर्क किया और न ही सोशल मीडिया पर भेजे गए संदेशों का कोई जवाब दिया।
Updated on:
11 Jan 2026 06:15 pm
Published on:
11 Jan 2026 06:15 pm
